- जिला अस्पताल में रोजाना आठ से दस मरीज पहुंच रहे टॉन्सिल के
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में इन दिनों टॉन्सिल के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इस बीमारी से पीड़ित आठ से दस मरीज रोजाना जिला अस्पताल में पहुंच रहे है। चिकित्सकों के मुताबिक जुकाम और बुखार के बाद गले के दाेनों ओर सूजन आ जाता है। एक से दो सप्ताह में यह संक्रमण खत्म हो जाता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में वैसे तो प्रतिदिन 1200 के करीब मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें से ईएनटी विशेषज्ञ के पास 40 से 50 मरीज पहुंचते हैं। वर्तमान में आठ से 10 मरीज टॉन्सिल को लेकर पहुंच रहे हैं। इस संक्रमण की चपेट में हर आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि गलसुआ के लक्षण दो सप्ताह बाद नजर आने लगते हैं और दवाओं के सेवन से यह ठीक भी हो जाता है। इसे टीक होने में एक से दो सप्ताह लग सकता है।
बताया कि यह बीमारी वायरस के कारण फैलती है। सिरदर्द, बुखार और थकान जैसे लक्षण हैं। ध्यान न देने पर गले में सूजन आ जाती है। यह बीमारी कुछ दवाओं के सेवन से धीरे-धीरे ठक हो जाती है। अस्पताल पहुंचे रामसुमेर ने बताया कि उनके बेटे को बुखार था उसके बाद गले में दर्द होने लगा, जिसे दिखाने आए थे। यह हाल अन्य मरीजों का रहा।
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इस तरह कर सकते हैं बचाव
- अधिक मात्रा में तरल पदार्थ लें
- गुनगुने नमक वाले पानी से गरारा करें
- आसानी से चबाने वाले खाने का सेवन करें
ये हैं लक्षण
- बुखार, सिरदर्द, मांस पेशियों में दर्द
- खाने की इच्छा न होना
- संक्रमितों के चेहरे पर सूजन के साथ दर्द
- खाना चबाने में परेशानी
- लार ग्रंथियों में सूजन होना