संतकबीरनगर। मौसम का रुख रह-रहकर बदल रहा है। कभी तेज गर्मी पड़ रही है तो कभी बारिश के बाद हल्की ठंड महसूस हो रही। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इलाज के लिए पहुंच रहे ज्यादातर लोग सर्दी-जुकाम, बुखार और खासी से पीड़ित मिल रहे हैं। सबसे ज्यादा उनकी तबीयत बिगड़ रही है, जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। ऐसे में लोगों को सतर्क होने की जरूरत है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय अपनाने होंगे।
जिला अस्पताल में जहां पहले ओपीडी में 1,200 के आसपास लोग आते थे, वहीं अब 1,500 तक या उससे ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। सीएचसी खलीलाबाद में पहले जहां 200 मरीज पहुंचते थे, वहीं अब 300 पहुंच रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कभी तेज धूप हो रही है तो कभी बारिश। इससे मौसम सर्द-गर्म हो रहा है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल में प्रतिदिन वायरल फीवर, खांसी और सर्दी के मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में इलाज कराने आए दिलीप कुमार, उर्मिला देवी आदि ने कहा कि है उन्हें कई दिनों से बुखार के साथ शरीर में दर्द है। खांसी भी आ रही है। चिकित्सक को दिखाने आए थे। संजय कुमार व संयोगिता ने कहा कि बेटे को कई दिनों से बुखार आ रहा है। चिकित्सक ने दवा दी है और पांच दिन बाद फिर बुलाया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में भी सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंह ने बताया कि बच्चों के बुखार को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। यदि किसी को बुखार है तो वह इधर-उधर न भटके। सीधे सरकारी अस्पताल में इलाज कराए। उन्होंने बताया कि इस मौसम में खांसी, जुकाम और जोड़ों के दर्द की समस्या से पीड़ित मरीज ज्यादा आ रहे हैं।
एक बार फिर बढ़ी लोगों की मुश्किलें
सेमरियावां। बदलते मौसम में एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खांसी-जुकाम, बुखार के मरीजों की अस्पताल में इलाज के लिए कतार लगने लगी हैं। सीएचसी सेमरियावां में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है।
बुधवार को बारिश से मौसम में नरमी होने के बाद लोगों का स्वास्थ्य गड़बड़ा रहा है। खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को सीएचसी सेमरियावां में सुबह से ही मरीजों की इलाज के लिए पर्चा काउंटर पर कतार लगी रही। अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए 300 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं। इलाज के लिए मरीजों में बड़ी उम्र के साथ बच्चों की भी संख्या अच्छी खासी रही। खांसी, जुकाम, बुखार या गले में खराश के लक्षण मिलने पर इलाज कर रहे चिकित्सकों ने पहले ऐसे मरीजों की पैथोलॉजी में जांच कराई। जांच रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सकों ने इलाज किया। सीएचसी सेमरियावां में ओपीडी में इलाज कर रहे सीएचसी अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश चंद्रा का कहना है कि बारिश और सर्द हवाओं के चलने से खांसी, जुकाम, बुखार के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी आम बात है। इस समय फ्लू और निमोनिया की चपेट में बच्चे आ रहे हैं। सर्दी लगने खांसी जुकाम बुखार की समस्या पर लापरवाही न करते हुए तुरंत चिकित्सक को दिखा कर इलाज कराएं। स्वयं से कोई दवा न लें और झोलाछापों से दूर रहे। सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार की चपेट में छोटे बच्चे सबसे ज्यादा आ रहे हैं।
बीमारी से बचाव के लिए जरूरी हिदायत
- रात में पंखे का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करें।
- कोल्ड ड्रिंक और ठंडे पेय पदार्थों को बिल्कुल न पिएं।
- सुबह छोटे बच्चों को मौसम के नमी व सर्द हवाओं से बचाने के लिए जरूरी परहेज करें।
- बाजार में खुले में बिक रहे कटे फल और गन्ने के जूस का सेवन न करें।
- ज्यादा तेल वाले और तीखा भोजन का सेवन न करें।
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कमजोर इम्युनिटी वालों को ज्यादा दिक्कत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सिंह ने कहा कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम की समस्या हो जाती है। इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए। शहद, अदरक, तुलसी के पत्ते, अखरोट और बादाम में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भरपूर होती है। इसके अलावा आंवला, एलोवेरा और नींबू में विटामिन सी काफी मात्रा में होता है। इन चीजों से इम्युनिटी मजबूत करने में काफी मदद मिलती है। खाने-पीने के दौरान साफ सफाई का ध्यान रखने से भी वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचा जा सकता है। इसके बाद भी यदि संक्रमण हो तो चिकित्सक से संपर्क करें और समुचित इलाज कराएं।
अस्पताल की ओपीडी में जो भी मरीज आ रहे हैं, उनका इलाज किया जा रहा है। सबसे ज्यादा बुखार, खांसी आदि से संबंधित मरीज आ रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर भर्ती भी किया जा रहा है।
डॉ.महेश प्रसाद, सीएमएस