खाद्य पदार्थ लेने से पहले कर लें उसकी जांच, पनीर, खोवा और दूध के छह सैंपल मिले हैं अधोमानक
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दूध, खोवा और पनीर के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। इसमें छह सैंपल अधोमानक पाए गए हैं। इनमें मिलावट पाई गई। ये स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। ऐसे में लोगों को बच कर इसका इस्तेमाल करना होगा।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि बाजार में बिकने वाली कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट हो रही है। दूध, दही, घी, दाल आदि कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट की शिकायत समय-समय पर सामने निकलकर आती रहती है। इससे तमाम प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। सबसे ज्यादा पेट की समस्या होती है। मरीज अक्सर पेट की समस्या लेकर अस्पताल आ रहे हैं। इसलिए दूध, खोवा आदि खाते समय सावधानी बरतें।
सहायक खाद्य आयुक्त जेपी तिवारी ने बताया कि दिवाली पर 14 खाद्य नमूने लैब में भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आनी है।
छह सैंपल मिले हैं अधोमानक
अगस्त माह में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सांथा, मेंहदावल, बखिरा में दुकानों व दूधिया से 13 सैंपल लिए थे। इसमें छह सैंपल अधोमानक पाए गए हैं। पनीर में फैट 50 प्रतिशत से कम है। दूध में पानी की मात्रा अधिक पाई गई है। खोवा में चीनी की मात्रा अधिक मिली है। इसके बाद इन सभी पर कार्रवाई की तैयारी है। एडीएम न्यायालय इन सभी पर जुर्माना लगाएगा।
नकली-असली की ऐसे करें जांच
असली और नकली पनीर की पहचान उसको हाथों के जरिए मसलकर लगा सकते हैं। अगर आपका पनीर मसलने के बाद टूटकर गिरने लगता है। इस स्थिति में समझ जाइए कि पनीर नकली है। नकली पनीर की पहचान उसको पानी में उबालकर भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको पनीर को पानी में उबालने के लिए रखना है। इसके बाद पनीर को पानी से निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने के बाद आपको पनीर पर सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ देना है। ऐसा करने के बाद अगर पनीर का रंग हल्का लाल हो जाता है। ऐसे में आपके द्वारा खरीदा गया पनीर डिटर्जेंट या यूरिया से बनाया गया है।