- फैक्ट्री के खंडहर में महिला से चार आरोपियों ने किया था दुष्कर्म
- उलाहना देने पर चार अन्य ने दी थी जानमाल की धमकी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों पर महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने और चार आरोपियों पर जानमाल की धमकी देने का केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा कि शहर के एक मोहल्ले में वह किराए का कमरा लेकर रहती है। वह मेहनत मजदूरी करके अपना तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। पीड़िता के पड़ोस के किराएदार और अन्य के जरिये 26 मई 2023 को अपशब्द कहते हुए उसकी लड़की को मारापीटा गया था। इसके संबंध में आरोपियों के विरुद्ध एससीएसटी एक्ट तथा मारपीट के मामले का केस दर्ज कराया था। केस दर्ज हो जाने के बाद आरोपियों ने जान माल की धमकी देते हुए केस को वापस करने का दबाव देते थे। आरोप है कि 25 जून 23 की शाम करीब 7:00 बजे वह किराए के मकान से कुछ दूर बंद पड़ी फैक्ट्री में नित्य क्रिया के लिए गई थी, वहां पहले से मौजूद चार आरोपियों व अन्य अज्ञात ने उसे पकड़ लिया और उसका मुंह कपड़े से दबा दिए। आरोप है कि कट्टा दिखाकर उसे उठाकर फैक्ट्री के खंडहर में ले गए, जहां मारापीटा और अपशब्द कहते हुए आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिससे वह बेहोश हो गई। आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए। होश में आने के बाद वह किसी तरह अपने कमरे पर पहुंची और घटना की जानकारी आरोपियों के घर के लोगों मां और बहन को भी तथा अन्य को दी। इससे वे लोग आग बबूला हो गए और जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि आरोपियों ने जो किया, वह सब ठीक किया। दर्ज केस वापस नहीं लोगी तो तुम्हारे लड़कियों के साथ भी यही हश्र होगा, भाग जाओ नहीं तो जान से खत्म कर देंगे। घटना की सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंजीकृत डाक से एसपी को सूचना दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोतवाल रविंद्र सिंह ने बताया कि चार आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म और चार आरोपियों पर जानमाल की धमकी का केस दर्ज किया गया।