अस्पताल में प्रसव के बाद मासूम की मौत का मामला
पीड़ित परिवार को घटना के दो माह बाद कोर्ट से न्याय मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। सिद्धार्थनगर जनपद के मरवाटिया निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर न्यायालय के आदेश पर बखिरा पुलिस ने अस्पताल प्रबंधक व आशा के खिलाफ केस दर्ज किया है।
शकील अहमद पुत्र नसीबुल्लाह ने बताया कि विवाह के बारह वर्षों तक उसे कोई भी बच्चा नहीं था। काफी दवा के बाद पत्नी गर्भवती हुई थी। प्रसव के लिए पीएचसी सांथा में ऑपरेशन का इंतजाम नहीं होने पर पीएचसी के डॉक्टर ने अन्यत्र जाने के लिए कहा। उसकी ससुराल लेदवा श्रीपाल की रहने वाली एक आशा ने बढ़िया इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल का हवाला देते हुए एंबुलेंस बुलाकर नन्दौर स्थित एक अस्पताल में 11 अक्तूबर को रात 10 बजे भर्ती करा दिया। रात करीब तीन बजे अस्पताल के डॉक्टर ने अन्य कर्मचारियों की मदद से ऑपरेशन किया। प्रसव के बाद बच्चा मृत मिला।
बताया कि डॉक्टर व कर्मचारियों की लापरवाही से बच्चे की मौत की शिकायत करने पर अस्पताल कर्मचारियों ने उसकी पत्नी की भी जान को खतरे में होने की धमकी दी। इससे उसका परिवार सहम गया। बाद में इसकी शिकायत मुख्य चिकित्साधिकारी व जिलाधिकारी से की।
सीएमओ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए टीम गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई। टीम की रिपोर्ट पर मिली खामियों के आधार पर नन्दौर स्थित केयरवेल अस्पताल को 17 अक्तूबर को सीएमओ ने सील करा दिया। लेकिन प्रबंधक व आशा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
मजबूरन पीड़ित द्वारा न्यायालय से गुहार लगाने पर न्यायालय ने अस्पताल प्रबंधक व आशा के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
एसओ श्याममोहन ने बताया कि केयरवेल अस्पताल के प्रबंधक डॉ. चंद्रेश्वर गुप्ता व आशा साबिया खातून के खिलाफ इलाज के दौरान लापरवाही से जान लेने, अपशब्द कहने व जान से मरने की धमकी का केस दर्ज कर लिया गया है।