संतकबीरनगर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अभिनव साहनी पर अपनी बहन के अपहरण का आरोप लगाते हुए धनघटा थाने में केस दर्ज कराया है। आरोप है कि अभिनव अपने चार साथियों की मदद से पीड़ित की बहन को घर से अगवा कर ले गया।
हालांकि, पुलिस की जांच में पता चला है कि अभिनव की युवती के साथ नजदीकियां थीं और वह उसके घर आता-जाता था। वहीं, भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा है कि वर्तमान में अभिनव से संगठन का कोई संबंध नहीं है, उसे बहुत पहले पदमुक्त किया जा चुका है।
धनघटा पुलिस को दी तहरीर में अगवा युवती के भाई ने कहा है कि शुक्रवार की सुबह हैंसर बाजार के सोनाड़ी निवासी अभिनव साहनी जो भाजयुमो का जिला उपाध्यक्ष बताया जाता है वह दो गाड़ियों में सहयोगियों के साथ उसके घर पहुंचा। आरोप है कि अभिनव और उसके सहयोगियों ने पीड़ित की बहन को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और फरार हो गए।
उसके बाद से अपहृता का कुछ पता नहीं चला। तहरीर में ग्रामीणों के हवाले से आरोप लगाया गया है कि मनबढ़ अभिनव पहले भी इस तरह की वारदात को अंजाम दे चुका है। धनघटा के थानेदार अनिल कुमार ने बताया कि हैंसर बाजार के सोनाड़ी गांव निवासी अभिनव साहनी समेत पांच अज्ञात के विरुद्ध अपहरण का केस दर्ज करके उनकी तलाश की जा रही है।
11 अगस्त को कर दिया गया था संगठन से निष्कासित
भाजयुमो जिलाध्यक्ष सर्वेश त्रिपाठी का कहना है कि अभिनव साहनी वर्तमान में न तो भाजयुमो का पदाधिकारी है और न ही सदस्य। वह पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त था, 11 अगस्त को जिले में आयोजित तिरंगा यात्रा में भी शामिल नहीं हुआ। इसकी सूचना राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी गई थी।
उसे उसी दिन पदमुक्त करते हुए संगठन से निष्कासित कर दिया गया था। शनिवार को जारी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि पार्टी हमेशा पीड़ित पक्ष के साथ रहती है, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।