किशोर की मौत के मामले में दुकानदार पर केस दर्ज
- पिता का आरोप, जबरन काम कराने के दौरान घायल होने से बेटे की हुई मौत
- दुकानदार ने आनन-फानन में बेटे का शव गोनहा घाट पर दफन करा दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बखिरा क्षेत्र के हरदी गांव का एक किशोर गाड़ी पर पत्थर लोड करने के दौरान घायल हो गया था। तीन सितंबर को जिला अस्पताल से रेफर किए जाने पर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाने के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पीड़ित पिता ने मंगलवार को गांव के दुकानदार पर गैर इरादतन हत्या, शव छिपाने की कोशिश और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया।
हरदी गांव निवासी सत्य बहादुर पुत्र पलटू का आरोप है कि गांव के रहने वाले सुभाष मणि तिवारी 31 अगस्त को शाम तीन बजे उसके 17 वर्षीय बेटे विजय बहादुर को जबरदस्ती अपनी दुकान पर ले गए। आरोप है कि उसके बेटे से ग्रेनाइट पत्थर गाड़ी में लोड करवा रहे थे। काम करते समय कुछ पत्थर बेटे के शरीर पर गिर गया। जिससे बेटा घायल हो गया।
आरोप है कि बिना बताए सुभाष मणि तिवारी घायल बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती कराए और दूसरे दिन बेटे को घर भेज दिए। तीन सितंबर की सुबह उसके बेटे की तबीयत बिगड़ गई तो उसे लेकर जिला अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। गोरखपुर ले जाने के दौरान बेटे की रास्ते में मौत हो गई।
आरोप है कि आनन-फानन में सुभाष मणि तिवारी ने बेटे के शव को गोनहा घाट पर दफन करवा दिया। पीड़ित पिता ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। एसओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में सुभाष मणि तिवारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या कर शव को छिपाने की कोशिश करने और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। विवेचना से जो तथ्य सामने आएगा, आगे वैसी कार्रवाई की जाएगी।