- बुधवार की रात 9.02 बजे से ही राखी बांधने का क्रम शुरू हुआ
- बाजारों में मिठाई की दुकान और बस स्टैंड पर रही महिलाओं की भीड़
संतकबीरनगर। भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन बृहस्पतिवार को उल्लास और परंपरागत तरीके से मनाया गया। बुधवार की रात से बृहस्पतिवार की सुबह तक पूरे दिन राखी बांधने का क्रम जारी रहा। राखी बंधवाकर भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया और उपहार देकर खुशियां साझा कीं।
राखी बंधवाने के बाद भाई-बहनों ने सोशल मीडिया पर फोटो भी शेयर की। शहर के कई मोहल्लों में रक्षाबंधन को लेकर काफी उत्साह रहा। इसी तरह मेंहदावल, धनघटा, धर्मसिंहवा, सेमरियावां, बखिरा, नंदौर, नाथनगर, हैंसर, पौली में भी रक्षाबंधन को लेकर उत्साह रहा।
बसों में नहीं मिली जगह, करते रहे इंतजार
बुधवार और बृहस्पतिवार दो दिनों तक रक्षाबंधन पर्व होने की वजह से बसों में दो दिनों तक छूट रही। इस दौरान शहर के मेंहदावल बाईपास पर बसों के इंतजार में महिलाएं खड़ी रहीं। कुछ महिलाओं को रोडवेज की बसें नहीं मिलने पर निजी वाहनों से अपने गंतव्य को जाना पड़ा। बस्ती जाने के लिए खड़ी सुमन देवी ने बताया कि घंटों से बस का इंतजार कर रही हूं, लेकिन अभी तक बस नहीं मिली। जो बस आ रही है उसमें काफी भीड़ है। अब प्राइवेट वाहन से बस्ती जाएंगे।
राखी बांधने के लिए जिला कारागार में लगी रही महिलाओं की भीड़
रक्षाबंधन पर्व पर जिला कारागार में बंद कैदियों की बहनें राखी बाधंने के लिए लंबी लाइन में लगी रहीं। कारागार में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जमा हो गई। महिलाओं की जांच करने के बाद उन्हें कारागार के अंदर प्रवेश दिया गया। उसके बाद बहनों ने कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधी। कुछ महिलाएं भाइयों को देख कर रोने लगीं तो भाई भी अपनी पीड़ा छुपा नहीं पाए और उनकी भी आंखे भर आईं। इस दौरान प्रभारी अधीक्षक अपूर्व व्रत पाठक, उप कारापाल नयन कमल सिंह, राजकुमार गौतम, हरिकेश गौड़ समेत अन्य मौजूद रहे।
मिठाई की दुकानों लगी रही भीड़
रक्षाबंधन के अवसर पर सुबह से ही मिठाइयों की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। भाई का मुंह मीठा करवाने के लिए बहनों ने उनके पसंद की मिठाइयां खरीदीं। ड्राई फ्रूट से बनी मिठाइयों की बिक्री इस बार ज्यादा देखी गई। मोतीचूर व बेसन का लड्डू भी खूब बिका। इस दौरान चॉकलेट आदि की भी अच्छी बिक्री हुई।
मिठाई की दुकान चलाने वाले विनोद कुमार ने बताया कि खोया से बनीं मिठाइयों की बिक्री भी अच्छी हुई।