संतकबीरनगर। सात दिनों से परिवहन निगम की साइट हैकर्स ने हैक कर रखी है, जिसके चलते ऑनलाइन टिकट नहीं बन पा रहा है। मैनुअल टिकट बनाने की झंझट से बचने के लिए रोडवेज के चालक-परिचालक बसों को अस्थायी बस सेंटर मेंहदावल बाईपास पर न लाकर ओवरब्रिज के ऊपर से ले जा रहे हैं।
इधर मेंहदावल बाईपास पर सड़क किनारे खड़े होकर यात्री बसों की प्रतीक्षा में घंटों गुजार रहे हैं। ऐसे हालात में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं व्यवस्था में सुधार न होने से उनका गुस्सा फूट कर सामने आ रहा है। साइट हैक होने के सातवें दिन बृहस्पतिवार को भी ई-टिकटिंग व्यवस्था पूरी तरह से ठप रही। मशीनों के काम न करने से परिचालक मैनुअल टिकट बना रहे हैं। इससे बसें तो लेट हो ही रही हैं, साथ ही भीड़ भी अधिक हो जा रही है।
मैनुअल टिकट बनाने में काम का बोझ बढ़ जाने की वजह से बस के परिचालक बसों को छोटे शहरों और कस्बों में न ले जाकर बाईपास से होकर बसों का संचालन कर रहे हैं। वहीं ऑनलाइन टिकट बुक न होने से सभी यात्री बस के अंदर ही टिकट बनवा रहे हैं। जबकि चेकिंग दल अपनी गति में कमी नहीं ला रहा, इसकी वजह से बसों की औसत गति भी घट रही है। साथ ही टिकट बनाने को लेकर चालक- परिचालक और यात्रियों में विवाद हो रहा है। विवाद से बचने को लेकर परिचालक कम दूरी का टिकट ही नहीं बना रहे हैं। ऐसे में इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। यह समस्या इसलिए भी ज्यादा हो गई है, क्योंकि अधिकतर बसें चुनाव ड्यूटी में लग गई हैं इसलिए बसों की कमी भी हो गई है।
दरअसल परिवहन निगम गोरखपुर क्षेत्र के बस्ती डिपो से करीब 100 के आसपास बसों का संचालन रोजाना होता है। यात्रियों की सुविधा के लिए कैशलेस टिकट की व्यवस्था की गई है। इसके लिए बस्ती डिपो को 100 टच स्क्रीन ई-टिकटिंग मशीन दी गई है। यात्रियों को इसी मशीन से टिकट दिया जाता है। सिस्टम हैक होने से ई-टिकटिंग मशीन की सेवा ठप है।
ढाई घंटे से नहीं मिली बस, रोडवेज सबसे खराब विभाग
परिवहन निगम में चल रही अव्यवस्था का खमियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना सैकड़ों यात्री मेंहदावल बाईपास पर घंटों बस का इंतजार करते हैं। इंतजार करने के बाद भी बस न मिलने पर उनका गुस्सा फूट कर सामने आ रहा है। बृहस्पतिवार को मेंहदावल बाईपास पर बस का इंतजार कर रहे सैंकी ने कहा कि परिवहन निगम की बस से यात्रा करने के लिए एमएसटी बनवाई थी, सोचा था कि आराम से सफर करुंगा, लेकिन यहां तो रोजाना घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है। रोडवेज सुविधा देने की जगह उत्पीड़न कर रहा है। यह सबसे खराब विभाग है।
जानबूझकर पुल के ऊपर से ले जाते हैं बसें
बैंक कर्मचारी वरुण राय ने बताया कि रोडवेज के चालक-परिचालक इतने मनबढ़ हैं कि लखनऊ जाते समय तो खलीलाबाद में नीचे आते हैं। लेकिन वापसी में गोरखपुर की ओर जाते समय बाईपास के पहले ही यात्रियों को नीचे उतार देते हैं। ऐसे में एक ओर जहां बस में बैठा यात्री परेशान होता है, तो दूसरी ओर खलीलाबाद में पुल के नीचे खड़ा यात्री बस न मिलने से और ज्यादा परेशान होता है। उन्होंने कहा कि यह परेशानी रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की है, वहीं जिम्मेदार इस ओर देखना ही नहीं चाहते।
जमा कराई गई ई-टिकटिंग मशीनें
बस्ती डिपो समेत पूरे परिवहन विभाग के सभी डिपो में ई-टिकटिंग मशीन काम नहीं करने की वजह से परिवहन निगम ने सभी मशीनों को स्टोर में जमा करा लिया है। साथ ही यात्रियों को कोई समस्या न हो, इसके लिए डिपो के सभी परिचालकों को मैनुअल टिकट का बंडल उपलब्ध कराया है। मैनुअल टिकट लेने में पेटीएम, गूगल-पे से भुगतान करने वाले यात्रियों को समस्या हो रही है। बताया जा रहा है कि अभी सिस्टम दुरुस्त होने में एक हफ्ते से ज्यादा का समय लग सकता है।