शहर में शामिल 50 हजार की आबादी को विकास का इंतजार
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- कई जगह नालियां क्षतिग्रस्त और जाम हैं, परेशानी झेल रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एक अक्तूबर 2020 को नगर पालिका परिषद खलीलाबाद का सीमा विस्तार हुआ। इससे लोगों में उम्मीद जगी कि उन्हें शहर की तरह सुविधाएं मिलेंगी। बावजूद इसके क्षेत्र के लोगों को अब भी विकास का इंतजार है। वह भी तब, जबकि विस्तारित क्षेत्र के लिए सीएम नगर सृजन योजना के तहत बजट मिला है, फिर भी कार्य शुरु नहीं हो पाया है। ऐसे में इन क्षेत्रों की 50 हजार की आबादी समस्याओं से जूझ रही है।
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के सीमा विस्तार में आस-पास के 16 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें सरैया, मिश्रौलिया, नेदुला, पटखौली, सरौली, बड़गो, खटौली, मैलानी, मोहद्दीनपुर, बेलवनिया, डीघा, कसैला, गौसपुर, बनियाबारी, सादिकगंज और उस्का खुर्द शामिल है। ऐसे में इन क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर से होने वाले कार्यों पर रोक लगा दी गई। यहां पर तैनात सफाई कर्मियों को हटाकर अन्यत्र भेज दिया गया। साथ ही विकास और सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद खलीलाबाद को सौंप दी गई। पालिका प्रशासन कई महीनों तक इन क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं बनाने तक ही सीमित रहा। बाद में तत्कालीन जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को तीन करोड़ 47 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। इसमें एक करोड़ 69 लाख की स्वीकृत दी गई और मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत विकास कार्यों को कराने की हरी झंडी मिली। इसके तहत नालियों का निर्माण, इंटरलाॅकिंग, प्रकाश व्यवस्था, आंगनबाड़ी भवन का निर्माण आदि शामिल है। साथ ही कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों के भवनों की मरम्मत को भी शामिल किया गया। वर्तमान में इन क्षेत्रों में विकास के कार्य नहीं हो रहे हैं। जिससे क्षेत्र के लोग ठगा महसूस कर रहे हैं। शहरी सुविधाएं मिलने की आस टूट गई है। क्षेत्र के मनोज कुमार, राधेश्याम और राकेश कुमार आदि ने कहा कि पालिका में शामिल क्षेत्रों में विकास कार्य न होने से खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। नालियां जाम पड़ी हैं या टूट गई हैं। सड़कें बदहाल हैं, साफ-सफाई पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
जल्द होंगे विकास के कार्य
नगर पालिका परिषद खलीलाबाद की सीमा में शामिल क्षेत्रों में विकास के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे, वैसे इन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई हैं और साफ-सफाई के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। -विनय कुमार मिश्र- ईओ