संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम दिनेश प्रताप सिंह की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने, अपहरण कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी बनाए गए सगे भाई-बहन को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सर्वजीत चौधरी ने बताया कि थाना महुली अंतर्गत ग्राम के पीड़िता के पिता ने इस आशय का प्रार्थना पत्र दिया कि उसके पड़ोसी ने उसकी लड़की जो कक्षा 10 में पढ़ रही है तथा नाबालिग है को बहला फुसलाकर चार मई, 2013 को शाम को भगा ले गया। परिवार के लोग इन दोनों को खोजते रहे लेकिन अब तक नहीं मिले। सूचना के आधार पर थाना महुली में केस दर्ज हुआ और विवेचक ने विवेचना के उपरांत दोनों आरोपी सगे भाई-बहन के विरुद्ध वादी मुकदमा की लड़की को आपराधिक साजिश कर बहला फुसलाकर भगा ले जाने अपहरण कर जान से मारने की धमकी के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
कोर्ट में दोनों भाई-बहनों ने आरोप से इंकार करते हुए विचारण की मांग की। अभियोजन ने नौ गवाहों की गवाही कराई। साथ ही 10 दस्तावेज साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने के उपरांत थाना महुली अंतर्गत ग्राम के दोनों आरोपियों सगे भाई-बहन को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।