10 को संसद का घेराव करेंगे ईंट-भट्ठा स्वामी
जीएसटी व कोयले के दामों में हुई बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग
संतकबीरनगर। सरकार की बेरुखी से नाराज ईंट भट्ठा स्वामी 10 नवंबर को संसद का घेराव करेंगे। भट्ठा मालिकों की समस्याओं का समाधान न होने तक बेमियादी हड़ताल जारी रहेेगा। उक्त बातें रविवार को जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष रवि उदय पाल ने पत्रकार वार्ता में कहीं।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय ईंट व टाइल्स निर्माता महासंघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश ईंट निर्माता समिति के तत्वावधान में सरकार की बेरुखी से नाराज देश के समस्त ईंट भट्ठा स्वामी रामलीला मैदान नई दिल्ली से संसद तक प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि जनमानस के आवास एवं इस उद्योग से जुड़े श्रमिकों की रोजी-रोटी पर भी संकट है। सरकार की इस उद्योग के प्रति अनदेखी से देश में करीब तीन करोड़ श्रमिक बेरोजगार होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि लाल ईंट बिक्री में जीएसटी कंपोजीशन स्कीम को समाप्त किया जाए। क्लेम का एक प्रतिशत से बढ़ाकर छह प्रतिशत किया जाए। लाल ईंट निर्माताओं पर दो प्रकार के अव्यवहारिक एवं अनुचित कर दर वृद्धि प्रस्ताव को वापस लेते हुए पूर्व की भांति कंपोजीशन स्कीम लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि आज कोयले के रेटो में अप्रत्याशित वृद्धि से भट्ठो को चला पाना बहुत कठिन हो गया है। मार्केट में कोयला 18 हजार से 20 हजार प्रति टन मार्केट में बिक रहा है। कोयले के रेटो को नियंत्रित कर सरकार हमें सस्ता और अच्छा कोयला उपलब्ध कराए। कोयले की कालाबाजारी बंद हो। इसी तरह से अन्य मांगे हैं जिसे सरकार पूरा करे, नहीं तो भट्ठा स्वामियों की हड़ताल जारी रहेगा। इस दौरान अमरेश सिंह, दिनेश सिंह, फैसल खान, शैलेंद्र चौधरी, राजेश चौरसिया आदि मौजूद रहे।