अघोषित विद्युत कटौती से उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
न दिन में चैन है, न रात में पूरी हो पा रही नींद
धनघटा। सावन का महीना बीत चुका है और भादो में आठ दिन गुजर गए हैं, लेकिन एक बूंद भी पानी आसमान से नहीं बरसा है। खेत में धान की फसल सूख रही है। इधर, बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ताओं की नींद हराम हो गई है। ऐसे में किसानों से लेकर विद्युत उपभोक्ता तक परेशान हैं।
दिन हो या रात विद्युत कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उमस भरी गर्मी में पंखा, कूलर बेकार साबित हो रहे हैं। रात्रिकालीन अघोषित विद्युत कटौती से नींद पूरी नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के मंगल पांडेय, घनश्याम मौर्य, परशुराम चौधरी, रामकेश यादव आदि का कहना है कि इस वर्ष अभी तक पिछले वर्षों की अपेक्षा बारिश बहुत कम हुई है। भादो माह लगे आठ दिन हो गए, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। दिन में तेज धूप से राहगीर बेहाल हो रहे हैं तो खेत में धान की फसल सूखने लगी है। किसानों का कहना है कि अगर बारिश एक सप्ताह और नहीं हुई तो फसल नष्ट हो जाएगी। लोगों ने कहा कि क्षेत्र में चार से पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है। विद्युत निगम के जेई मिथिलेश कुमार का कहना है कि विद्युत का लोड अधिक बढ़ जाने के कारण विद्युत उपकेंद्र मुखलिसपुर में कभी-कभी तकनीकी खराबी आ जा रही है। जिसे ठीक करके विद्युत व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।