संतकबीरनगर। चर्चित पेट्रोल पंप लूटकांड में गिरफ्तारी के दौरान एसओजी टीम के सिपाही से लुटेरों का सरगना भिड़ गया था। उसे पटककर कुछ दूर भाग भी गया था था। इतना ही नहीं बदमाश सतीश ने सिपाहियों पर ईंट-पत्थर भी चलाए थे। अब पुलिस ने सरगना पर अलग से पुलिस पर हमला करने के मामले में हत्या के प्रयास का भी केस दर्ज किया है।
महुली क्षेत्र के कुशहवा में सेनानी फिलिंग स्टेशन पर शनिवार देर शाम बदमाशोंं ने कर्मियाें को असलहा सटाकर लूटपाट की थी। पंप के मालिक गोरखपुर के शाहपुर क्षेत्र के शिवनगर काॅलोनी बशारतपुर निवासी बृजेंद्र कुमार ने चार बदमाशों के खिलाफ लूट का केस दर्ज कराया था। 11 सितंबर को हरपुर मठ के पास पुलिस टीम बदमाशों की घेरेबंदी करके पकड़ने की कोशिश की। उस दौरान कुशीनगर जिले के कसया निवासी सरगना सतीश यादव को एसओजी टीम के एक सिपाही ने पकड़ने की कोशिश की तो वह हमलावर हो गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सिपाही को पटक कर बदमाश कुछ दूर तक भाग भी गया था, लेकिन टीम के अन्य सदस्यों ने उसे दौड़ा कर पकड़ने की कोशिश की। इसपर सतीश ने ईंट-पत्थर भी चलाए थे।
इसके बावजूद टीम ने उसे पकड़ लिया। लूट की घटना में शामिल अन्य बदमाशों राहुल सिंह निवासी हरैया बुजुर्ग थाना कुबेर स्थान, कुशीनगर, दीपक यादव निवासी बढ़या ठाठर, मेंहदावल, राकेश यादव निवासी मेहावर थाना मेंहदावल, भालचंद्र यादव निवासी जमोहरा टोला मदरहवा, मेंहदावल जिला संतकबीरनगर पकड़े गए थे।
इसी वजह से पुलिस ने बाद में इन सभी पर डकैती की धारा बढ़ाई थी। इसके अलावा पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में सरगना सतीश यादव पर हत्या के प्रयास का केस अलग से दर्ज किया था। पुलिस अब इस गैंग पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने की तैयारी में जुट गई है।
बदमाश की एक कॉल की वजह से पकड़े गए
पेट्रोल पंप लूटकांड को डीजीपी ने संज्ञान ले लिया था। घटना के बाद कई बार पुलिस अधिकारियों को फोन करके जानकारी मांगी। इसके पर्दाफाश को लेकर पुलिस सकते में आ गई थी। गोरखपुर, बस्ती और संतकबीरनगर की एसओजी टीम लगाई गई थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो लूटकांड में शामिल एक बदमाश ने घटनास्थल से मोबाइल पर कहीं बातचीत की थी। सर्विलांस टीम उसी कॉल के जरिये को गैंग तक पहुंची।
पहले भी कर चुके वारदात
लूट की वारदात में पकड़े गए बदमाश सतीश ने कुशीनगर के रामकोला क्षेत्र में लूट की थी, जबकि बदमाश दीपक भी रामकोला लूट की घटना में शामिल रहा। बदमाश राहुल सिंह और भालचंद यादव भी लूट की घटना के अलावा मारपीट के मामले में भी आरोपी बनाए गए थे।
गिरफ्तारी के दौरान गैंग लीडर सतीश यादव भागने का प्रयास किया था। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के उद्देश्य से ईंट से प्रहार किया था। इस मामले में सतीश के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस अलग से दर्ज किया गया था। यह गैंग आर्थिक, भौतिक लाभ के लिए लूट की घटना करता है। ऐसे मेंं इस गैंग की आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष कुमार सिंह, एएसपी