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जनरल, आईसीयू व पीआईसीयू वार्ड में बेड फुल

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जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती डायरिया के मरीज। - फोटो : KHALILABAD
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जनरल, आईसीयू व पीआईसीयू वार्ड में बेड फुल
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मरीजों की देखभाल के लिए बरामदे में दिन गुजार रहे तीमारदार
बरसात के मौसम में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी
ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से 1500 आ रहे मरीज
संतकबीरनगर। बरसात के मौसम में जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डायरिया के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द व खून की कमी से पीड़ित मरीज व बच्चे काफी संख्या में आ रहे हैं। जनरल, आईसीयू, पीआईसीयू वार्ड के बेड मरीजों से फुल हो गए हैं। तीमारदार बरामदे में बैठकर दिन गुजार रहे हैं।
इन दिनों संयुक्त जिला अस्ताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1400 से 1500 मरीज आ रहे हैं। इनमें 400 से 500 मरीज उल्टी-दस्त, बुखार व खून की कमी से पीड़ित होते हैं। मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डॉक्टर दवा लिखते हैं। पांच दिन बाद फिर जांच के लिए बुलाते हैं। गंभीर मरीजों को तत्काल भर्ती कर लिया जाता है।
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अस्पताल के जनरल, आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड में मरीजों से बेड फुल हो चुके हैं। तीमारदार अस्पताल के बरामदे में मरीज की देखभाल के लिए समय गुजार हैं। इससे अस्पताल में भीड़ बढ़ गई है। इलाज कराने आए मिश्रौलिया के जयकरन, अचकपुरवा के विजय और बालू शासन के संजय ने बताया कि उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। डॉक्टर ने दवा लिखी है। तीन दिन बाद फिर बुलाया है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरपी राय ने बताया कि इस समय बरसात का मौसम है। बीमारी से बचने के लिए लोगों को ताजा भोजन करना चाहिए। शुद्ध पानी का सेवन करें। बाजार की चीजों को कम खाएं। उल्टी-दस्त होने पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
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डायरिया से बचाव के उपाय
साफ व शुद्ध पानी पीएं, बच्चों को उबला हुआ पानी पीने को दें, बाहर का खाना, फास्ट फूड के इस्तेमाल से बचें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें, शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं, पेट में दर्द की समस्या हो तो बिना देर करे चिकित्सक से सलाह लें।
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कोट
अस्पताल में पेट दर्द, उल्टी-दस्त के मरीज बढे़ है़। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। बच्चों को आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। ओपीडी में प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को जनरल वार्ड में भर्ती किया जाता है।
डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस
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