- 70 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के संचालित
- लुभावने ऑफर की आड़ में छिपा रहे विद्यालय की जानकारी
- निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए मारामारी शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्यालयों में नए सत्र की शुरूआत सोमवार से हो गई। निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए होड़ मची है, यदि आप अपने बच्चे का किसी स्कूल में दाखिला कराने की सोच रहे हैं तो सावधानी बरतें। बच्चों को प्रवेश दिलाने से पहले उस स्कूल की मान्यता जरूर जांच लें। ऐसा इसलिए भी है कि जिले में 70 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।
मार्च के अंतिम सप्ताह से ही स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी। ऐसे में स्कूल संचालक अभिभावकों को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है। सेवानिवृत शिक्षक डॉ. डीएन पांडेय ने बताया कि कई स्कूलों की ओर से तरह-तरह के प्रलोभन देकर अहम जानकारियां छिपाई जा रही हैं। कई विद्यालय का तो किसी बोर्ड से संबद्धता ही नहीं है। लेकिन वह बोर्ड पर इस तरह का नाम लिखते है कि लोग धोखा खा जाते हैं। अगर आप बच्चे का नामाकंन कराने जा रहे हैं तो स्कूल के बारे में पता कर लें। इसके लिए बेवसाइट भी है।
आठवीं तक लेनी होती है बीएसए से मान्यता
जिले में कई स्कूल बोर्ड का नाम लिखकर अभिभावकों को गुमराह कर रहे है। सबसे ज्यादा गुमराह सीबीएसई बोर्ड के नाम पर किया जा रहा है। शहर में सीबीएसई बोर्ड से केवल आठ विद्यालय ही अधिकृत हैं। वहीं 280 स्कूल यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। इन स्कूलों में प्ले-वे से लेकर आठवीं तक की मान्यता बीएसए स्तर से दी जाती है। इसके बाद आगे की मान्यता के लिए संबंधित बोर्ड से एनओसी मिलती है।
ऐसे पता करें स्कूल संबंधी जानकारी
जिस स्कूल में बच्चे का नामांकन कराने जा रहे हैं उसकी किस बोर्ड से मान्यता है, इसकी जानकारी ले सकते हैं। यूपी बोर्ड की मान्यता से संबंधी जानकारी के लिए http://madhymikshiksha.upsdc.gov.in/en-us/details-of-school पर विजिट करना होगा। इसी तरह आठवीं तक की मान्यता जानने के लिए http://rte25.upsdc.gov.in/rptmappedschool public.aspx विजिट कर सकते हैं। जो स्कूल आरटीई में प्रवेश दे रहे हैं वह स्टेट गवर्नमेंट से मान्यता प्राप्त हैं।
प्रवेश के लिए सभी स्कूलों से मान्यता के कागजात देखने का अभिभावकों को अधिकार है। पहली से आठवीं तक नामाकंन दिला रहे हैं तो आरटीई पोर्टल पर जाकर विद्यालय की जानकारी ले सकते हैं। वैसे बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की जांच के लिए बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। अगर स्कूल संचालक मानक को पूरा करते हुए मान्यता नहीं लेते है तो स्कूल बंद कराया जाएगा।
- अमित कुमार सिंह, बीएसए