संतकबीरनगर। तेज धूप और गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। धूप से आने के बाद चक्कर आना, बेहोशी और सीने में दर्द की समस्या लेकर मरीज जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। सामान्य मरीजों का मेडिसिन के चिकित्सक इलाज कर रहे हैं जबकि अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज भेज रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को धूप से बचने और पानी व तरल पदार्थ लेने की सलाह दे रहे हैं।
कड़ी धूप में बाहर से घर आने पर सीने में दर्द हुआ तो मगहर निवासी रामबचन को लेकर परिवारीजन जिला अस्पताल के ओपीडी में परामर्श चिकित्सक डॉ. रमाशंकर सिंह के पास पहुंचे। चिकित्सक ने मरीज को दवा लिखने के साथ ही ईसीजी कराने की सलाह दी। चिकित्सक के मुताबिक गर्मी में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। धूप और गर्मी के कारण शरीर से पसीने के रूप में पानी निकलता है, जिससे रक्त का बहाव तेज हो जाता है। यह हार्ट, ब्रेन समेत सभी अंगों को प्रभावित करती है। जिला अस्पताल में रोज 30 से 40 की संख्या में मरीजों का ईसीजी हो रहा है। अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण चिकित्सक गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल कालेज भेज रहे हैं। जबकि सामान्य मरीजों का इलाज कर रहे हैं। लू लगने से हार्ट अटैक, बेहोशी आदि का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सतर्क रहने की विशेष जरूरत है। चिकित्सक के मुताबिक बुजुर्गो, गर्भवती महिलाओं, हृदय और मधुमेह के रोगियों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है।
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- इसका रखें ध्यान
धूप में घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
हल्के सूती और नर्म धागे के कपड़े पहने।
तेल मसालायुक्त भोजन करने से बचें।
घर से बाहर निकले तो शरीर ढक कर निकलें।
समय-समय पर पानी पीते रहें।
ऐसा खाना खाएं जो हार्ट को स्वस्थ रखे
कोलेस्ट्राल के नियंत्रित रखें।
तेज धूप और गर्मी से पसीना के रूप में शरीर से पानी निकलता है। शरीर में पानी की कमी होने से बेहोशी, हार्ट अटैक आदि का खतरा रहता है। ओपीडी में रोज इस तक के मरीज आ रहे हैं। धूप से आने के बाद यदि तबीयत बिगड़े तो सतर्क हो जाना चाहिए। सीने में दर्द हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
- डॉ. रमाशंकर सिंह, वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक