खलीलाबाद को नेपाल से जोड़ने वाला बालूशासन पुल बनकर तैयार हो गया है। अब इंतजारी है तो इसके लोकार्पण की। इसके बाद इस मार्ग पर आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाएगी। लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने पर करीब तीन लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
खलीलाबाद से मेंहदावल मार्ग को जोड़ने के लिए आमी नदी पर काफी पुराना पुल बना है। यह पुल संकरा होने से दो वाहन एक साथ आर-पार नहीं हो सकते हैं। इस पुल से महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती के लोग भी आते-जाते हैं। लंबे समय से पुल के निर्माण की मांग चल रही थी।
दिसंबर 2022 में इसकी मंजूरी मिली और पुल का निर्माण शुरू हुआ। पुल का निर्माण पीडब्लूडी ने शुरू किया। पुल के दायरे में 236 किसानों की जमीन आई। इन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया। किसानों को जमीन के मुआवजे के लिए 78 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से धन का आवंटन भूमि अध्याप्ति कार्यालय को किया गया था, जिसे किसानों को उनकी भूमि के मुआवजा के रूप में दिया गया।
पुल के निर्माण में खर्च हुए पांच करोड़ रुपये
बालूशासन के पुल के निर्माण में करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हुए है। यह पुल बनकर तैयार हो चुका है। अब इसके लोकार्पण का इंतजार है। उम्मीद है जल्द ही इस पुल का लोकार्पण हो जाएगा। इसके बाद लोगों के आने-जाने की समस्या दूर हो जाएगी। कारण यह है कि पुराना पुल काफी संकरा है, जिससे एक तरफ अगर कोई वाहन निकल रहा हो तो दूसरी तरफ के वाहन खड़े हो जाते हैं, जिसकी वजह से जाम भी लग जाता है।
नए पुल से आवागमन शुरू होने से समस्या से निजात मिल जाएगी। इस क्षेत्र के निवासी अनिल कुमार राय, सुनील पांडेय आदि ने कहा पुल बनकर तैयार हो गया है। इससे लोगों को आने-जाने में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि बालूशासन पुल का निर्माण पूरा हो गया है। जल्द ही पुल से आवागमन शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।