न्यायालय सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी निरस्त की
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम की कोर्ट ने पत्नी की दहेज हत्या करने के मामले में आरोपी बनाए गए पति की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि थाना कैंपियरगंज जिला गोरखपुर अंतर्गत ग्राम ठाकुर नगर अजगर निवासी गंगा पुत्र सिद्धू ने अपनी पुत्री पूनम का विवाह ग्राम भठवा थाना मेंहदावल में तीन मई 2021 को बाल किशुन पुत्र सुन्नर के साथ तीन वर्ष पूर्व किया था। इसमें उसने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया था। उसकी पुत्री पूनम जिसकी कोई औलाद नहीं थी। उसको उसके पति बालकिशुन, जेठ रामविसुन, श्री किशुन तथा रामकिशुन की पत्नी उसकी पुत्री को दान-दहेज के लिए मारते-पीटते थे।
उसकी पुत्री ने जब और दहेज लाने से मना किया तो उसे 16 अगस्त 2023 को सभी लोग मिलकर फंदा लगाकर मार दिए। वह जब ससुराल गया तो उसकी पुत्री मृत मिली।
न्यायालय के आदेश पर तहरीर के आधार पर थाना मेंहदावल में केस दर्ज हुआ। आरोपी पति ने न्यायालय सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र दाख़िल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने आरोपी पति की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी मृतका पूनम का पति है। उसकी मृत्यु शादी के तीन साल के अंदर ससुराल में हुई है। कोर्ट ने मामले के उपरोक्त तथ्य और परिस्थितियों तथा अपराध की गंभीरता तथा अपराध में आरोपी की भूमिका और संलिप्तता को दृष्टिगत रखते हुए दहेज़ हत्यारोपी पति बालकिशुन का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।