संतकबीरनगर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की कोर्ट ने शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाने वाले आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के बाद निरस्त कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि पीड़िता ने थाना दुधारा में प्रार्थना पत्र दिया कि अलाउद्दीन ने उसे शादी का प्रलोभन देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाया। जब वह गर्भवती हो गई तो शादी करने से इंकार करते हुए दवा खाकर गर्भपात करने का दबाव बनाने लगा। पीड़िता के प्रार्थना पत्र पर थाना दुधारा पर केस पंजीकृत हुआ। आरोपी अलाउद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी अलाउद्दीन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने विरोध किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा ने आरोपी अलाउद्दीन की जमानत अर्जी निरस्त कर दिए। संवाद