संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने एवं दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी बनाए गए शादीशुदा पांच बच्चों के पिता की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि थाना बेलहर कला क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की मां ने थाने पर तहरीर दिया कि 19 नवंबर 2023 को शाम चार बजे कोतवाली बांसी जिला सिद्धार्थनगर का रहने वाले आरोपी उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर गांव से भगा ले गया। वह लोग ढूंढते हुए उसके घर गए तो उसकी पत्नी ने भी इस बात की पुष्टि की है। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना बेलहरकला में केस पंजीकृत हुआ।
आरोपी ने कोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। उसने कहा कि वह लगभग दो महीने से पीड़िता के गांव में मिस्त्री का काम कर रहा था। जहां पर पीड़िता व उसकी मां भी मजदूरी का काम करती थी। उन्होंने उससे रुपये लिए थे। मांगने पर नहीं दिए और फर्जी केस दर्ज करा दिया है। वह जिला कारागार में निरुद्ध है। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट और पुलिस के समक्ष दिए बयान में कहा कि आरोपी उसे झूठ बोलकर शादी करने के बहाने ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। कोर्ट ने मामले की भीरता को देखते हुए आरोपी के जमानत प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया।