संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सतेंद्र शुक्ला ने बताया कि मेंहदावल क्षेत्र की रहने वाले पिता ने कोर्ट में तहरीर दी। कहा कि उसके गांव का आरोपी उसकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर अपने वश में कर लिया। आरोपी उसकी बेटी के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध गलत काम किया। दो अन्य सहयोगियों के सहयोग से 26 अप्रैल को शादी का झांसा देकर बेटी को भगा ले गया। बेटी को खलीलाबाद में अपने रिश्तेदार के घर चार दिन तक रखा और गलत काम भी किया। चार दिन बाद कहा कि मेरे माता-पिता शादी के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं, तुम घर चली जाओ। धमकी दी कि यह सब बात किसी को नहीं बताना, नहीं तो तुम्हें जान से खत्म कर देंगे। कोर्ट के आदेश पर 19 जून को मेंहदावल में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिलककी। कहा कि वह निर्दोष है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। घटना के समय पीड़िता एक मार्ट कंपनी में काम करती थी। उसके घरवाले जानते थे। पुलिस ने उस मार्ट से पीड़िता को ढूंढ निकाला था। राजनीतिक षड्यंत्र रच कर उसे फंसा दिया गया है। आरोपी ने अग्रिम जमानत की मांग की। कोर्ट ने विशेष लोक अभियोजक फौजदारी तथा आरोपी के अधिवक्ता को सुना एवं पत्रावली पर उपलब्ध सुसंगत प्रपत्रों का अवलोकन किया। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।