संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश /विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि धनघटा क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित मां ने धनघटा थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को 24 जून 2023 को उसकी गैर मौजूदगी में गोरखपुर जिले के बेलघाट क्षेत्र का रहने वाला आरोपी बहला फुसलाकर भगा ले गया। आरोपी उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर ले गया। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के बाद कोर्ट में साक्ष्य के आधार पर दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में आरोपी ने जमानत अर्जी दाखिल करते हुए कहा कि वह जिला कारागार में निरूध है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसने पीड़िता को बहलाया फुसलाया नहीं है और न ही शादी का दबाव बनाया है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पीड़िता को बहला फुसलाकर एवं शादी का झांसा देकर आरोपी ने भगाया है। अपराध गंभीर है। पीड़िता के जरिये पुलिस को दिए बयान और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में कहा कि उसके घर वाले उसे मार रहे थे। वह अकेले घर से भाग गई और एक हफ्ते सड़क पर घूमती रही, फिर उसने आरोपी को फोन लगाया। आरोपी के साथ गोरखपुर गई तथा उसके बीच संबंध बने। आरोपी की भूमिका संदिग्ध मानते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।