संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि पीड़ित पिता ने थाना धनघटा में तहरीर दी। आरोप लगाया कि 19 अगस्त की रात में दो बजे उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी दो अन्य की साजिश व सहयोग से भगा ले गया। बेटी की काफी खोजबीन की गई, लेकिन कहीं पता नहीं चला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज किया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में ज़मानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी तथा पीड़िता के अधिवक्ता ज्ञानेंद्र मिश्र ने जमानत अर्जी का विरोध किया। पीड़िता ने पुलिस तथा मजिस्ट्रेट को बयान दिया कि 18 अगस्त की रात में वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गोरखपुर गई थी। वह दो साल से आरोपी को पसंद करती है। शारीरिक संबंध भी है। मंदिर में शादी भी कर ली है तथा अपनी मर्जी से खलीलाबाद में कोर्ट मैरिज कर ली है। घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। कोर्ट ने तथ्य, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता तथा आरोपी की कथित रूप से संलिप्तता पाए जाने पर उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।