संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि थाना धनघटा क्षेत्र के पीड़ित पिता ने एसओ धनघटा को तहरीर दी कि पांच सितंबर 23 को शाम करीब 8:30 बजे उसकी नाबालिग लड़की शौच के लिए गई थी। काफी समय बीतने पर उसने तथा अन्य लोग उसकी खोजबीन शुरू की। पता चला कि उसके गांव के आरोपी युवक लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और कहा कि वह जिला कारागार में निरुद्ध है। पढ़ाई करने वाला छात्र है उसको जमीनी रंजिश के कारण फर्जी मुकदमे में फंसा दिया गया है। जमानत की मांग की गई। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत अर्जी का विरोध किया। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।