संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) जैनुद्दीन अंसारी ने नाबालिग का अपहरण करने व दुष्कर्म के आरोपी युवक की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्येंद्र शुक्ला ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने थाने में तहरीर दी कि उसकी नाबालिग बेटी का विवाह उन्होंने एक युवक से तय कर दिया था, परंतु कुछ संभ्रांत लोगों के बताने पर उसने पांच साल बाद विवाह की बात तय की। पांच नवंबर 22 को सुबह जब वह लोग काम पर चले गए। करीब 11 बजे काम से लौटे तो देखा कि घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। घर का दरवाजा खुला है। तब उसने अपनी बेटी की खोजबीन की किंतु कहीं पता नहीं चला। दूसरे दिन सुबह उसकी बेटी वापस आ गई। बेटी ने बताया कि जिससे उसकी शादी तय की गई थी। वह और उसके दो साथी घर आए थे। उसे जबरन अपने साथ ले गए। वहां आरोपी युवक ने गलत काम किया। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दी। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने अपने दो साथियों की मदद से नाबालिग लड़की का अपहरण करके गलत काम किया गया। जो गंभीर अपराध है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।