विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी बनाए गए 25 वर्षीय व्यक्ति की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश उर्फ टीटू ने बताया कि थाना धनघटा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम के पीड़ित पिता ने थाना धनघटा पुलिस को तहरीर दिया कि उसकी 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को उसके गांव का 25 वर्षीय आरोपी 14 नवंबर 2023 की रात में भगा ले गया। दोनों की काफी खोजबीन हुई। रिश्तेदारी में खोजा परंतु की पता नहीं चला। काफी खोजबीन के बाद 19 नवंबर को सूचना देने आया हूं। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ। आरोपी ने पाक्सो कोर्ट में अपना जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कहा कि वह बेकसूर है बेगुनाह है विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने वादी मुकदमा की नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर उसके माता पिता के संरक्षण से भगा ले गया तथा पीड़िता के मर्जी के बिना जबरजस्ती कई दिनों तक दुष्कर्म किया। जमानत निरस्त करने की याचना किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान और मजिस्ट्रेट को दिए बयान में कहा कि आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया है। आरोपी के अधिवक्ता तथा विशेष लोक अभियोजक फौजदारी व वादी मुकदमा को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रों तथा अन्य सुसंगत अभिलेखों का अवलोकन के बाद थाना धनघटा अंतर्गत ग्राम के 25 वर्षीय आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।