संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने फावड़े से हत्या करने के आरोपी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता सुनीता ने थाना धनघटा में तहरीर दी। जिसमें कहा कि तीन जुलाई को सुबह 8:00 बजे उसके पति तथा शन्नो व शालिनी खेत पर धान की रोपाई करने गए थे, तभी उसके गांव के विजयपाल, अजय पाल दोनों भाई आ गए और खेत की रोपाई करने के लिए कहे तो पीड़िता के पति ने कहा कि आज मैं अपने खेत की रोपाई करुंगा। उसके बाद आपके खेत की रोपाई करुंगा। जिस पर आरोपी भाई उत्तेजित होकर अपशब्द कहते हुए मना करने पर विजयपाल हाथ में लिए हुए लाठी तथा अजय पाल हाथ में फावड़ा लिए हुए पीड़िता के पति को मारने लगे तथा बच्चों को मारने लगे। जान बचाकर वे लोग खेत से भाग कर घर आए तो आरोपी दोनों भाई उनके घर पहुंच गए और पति को मारपीट कर घायल कर दिए। दोनों भाई उसके बच्चों को भी मारपीट कर चोट पहुंचाए। पति की घर पर ही मौत हो गई। आनन-फानन लोग मलौली अस्पताल पर ले गए, जहां डॉक्टर ने पति के मौत की पुष्टि की। तहरीर के आधार पर थाना धनघटा में आरोपियों के विरुद्ध केस पंजीकृत हुआ। आरोपी विजयपाल ने सत्र न्यायाधीश के वहां जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और कहा कि वह निर्दोष है, उसने कोई अपराध नहीं किया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने पीड़िता के पति को लाठी फावड़ा से मारापीटा है। जिससे उसके पति वकील शर्मा की मौत हो गई। कोर्ट ने हत्या के आरोपी विजयपाल की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।