- प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने दिया निर्देश
संतकबीरनगर। प्रभारी सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार ने दुष्कर्म के आरोपी सिपाही की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि धनघटा क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा कि वह अपने बहन के घर कभी- कभी जाती थी। जहां उसकी मुलाकात आरोपी सिपाही से हुई।
आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ उसकी अनुमति के बिना शारीरिक संबंध बनाया। कुछ दिन बाद आरोपी की नौकरी पुलिस विभाग में लग गई। उसने शादी की बात करने पर दस दिन समय मांगा। आरोपी और उसके घरवाले जानमाल की धमकी देने लगे।
इस मामले में धनघटा पुलिस ने आरोपी सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोपी सिपाही ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रभारी सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी सिपाही की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त कर दी।