संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम प्रमोद कुमार तृतीय ने युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी सिपाही की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़िता ने धनघटा पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें कहा कि उसके बहन की शादी थाना धनघटा क्षेत्र के एक गांव में हुई है। पीड़िता अपनी बहन के घर कभी-कभी आती- जाती थी। इसी बीच आरोपी उसकी बहन के घर आता-जाता था। आरोपी पीड़िता को शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। कुछ दिन बाद आरोपी पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर नौकरी पा गया, जो गोरखपुर में तैनात है। पीड़िता और आरोपी के बीच संबंध की जानकारी जब पीड़िता के माता-पिता को हुई, तब उसके घर वाले शादी की बात करने लगे। आरोपी व उसके घर वाले फोन से जानमाल की धमकी देने लगे।
तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध थाना धनघटा में केस दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया और कहा कि वह बेगुनाह है। रंजिशन फंसा दिया गया है। वह वर्ष 2020-21 में सिपाही के पद पर चयनित होकर प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद रिजर्व पुलिस लाइन जिला गोरखपुर में तैनात रहा है। झूठी कहानी बनकर उसे फंसाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने जमानत प्रार्थना प्राप्त पत्र का विरोध किया। तर्क दिया कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता को शादी का झांसा दिया। उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।