- किशोरी को भगा कर ले गया दिल्ली , मंदिर में की शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित पिता ने धनघटा पुलिस को तहरीर दिया। जिसमें कहा कि 20 मई को रात साढे़ नौ बजे उसकी 16 वर्षीय नित्य क्रिया के लिए बाहर गई थी। आरोप है कि उसी दौरान गांव का आरोपी बहला फुसलाकर बेटी को भगा ले गया। बेटी को भगाने में आरोपी के दो भाईयों ने सहयोग किया।
घटना की जानकारी होने पर उलाहना देने गए तो आरोपी के परिजन उसे अपशब्द कहते हुए जानमाल की धमकी देकर भगा दिए। पुलिस ने आरोपी और उसके दो भाईयों के खिलाफ केस दर्ज किया। एक मुख्य आरोपी ने कोर्ट में ज़मानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिसमें कहा कि वह निर्दोष है। उसने किसी को भगाया नहीं है न ही शारिरीक संबंध बनाया है। नौ जून से जिला कारागार में निरुद्ध है।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पीड़िता खेत की ओर जा रही थी। आरोपी बहला फुसलाकर भगा ले गया। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि आरोपी के साथ दिल्ली गई। जहां मंदिर में आरोपी ने उससे शादी की। जिसका वीडियो भी बना है। शारीरीक संबंध भी बनाया था। मामले के तथ्य एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।