संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक सत्येंद्र शुक्ला ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में तहरीर दी कि वह अपने माता-पिता के साथ गुजरात में रहती थी। उसके मकान के बगल में आरोपी रहता था। पीड़िता के पिता की मृत्यु के बाद वह लोग वापस अपने गांव आए। उनके साथ आरोपी भी आ गया। 20 फरवरी को भोर में आरोपी शादी का झांसा देकर उसको बहला फुसलाकर भगा ले गया और गुजरात में एक महिला के घर उसी मोहल्ले में रखा। आरोपी उसके साथ दुष्कर्म करता था। बार-बार शादी करने की बात पर मारता-पीटता था। पुलिस से शिकायत पर वह उसे घर पहुंचने की बात कहकर बनारस रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग गया। आरोपी के विरुद्ध बहला फुसलाकर भगा ले जाने दुष्कर्म करने तथा पॉक्सो एक्ट का केस थाना दुधारा में दर्ज हुआ। आरोपी ने कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि पीड़िता को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भागने का गंभीर अपराध है। जमानत अर्जी खारिज करने की याचना की। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।