संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी ख़ारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक सत्य प्रकाश ने बताया कि महुली क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित मां ने महुली थाने में तहरीर दी। कहा कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को 17 जुलाई 2023 को शाम करीब पांच बजे आरोपी बहला-फुसलाकर भाग ले गया है। उसने काफी खोजबीन की लेकिन बेटी का पता नहीं चला। बेटी 23 जुलाई को दोपहर करीब एक बजे मोहल्ले की रहने वाली महिला के मोबाइल पर फोन कर बताया कि वह बहुत परेशान है। बेटी रो रही थी। घटना की सूचना देकर बेटी की जान बचाने की गुहार लगाई। महुली पुलिस ने केस दर्ज किया। विवेचक ने साक्ष्य के आधार पर आरोपी के विरुद्ध पाक्सो एक्ट तथा दुष्कर्म की धारा बढ़ाते हुए आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अपना जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया और कहा कि वह न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है। उसने किसी को बहलाया फुसलाया नहीं है और न ही भगाया है। आशंका के आधार पर झूठे मुकदमे में उसे फंसाया गया है। उसने जमानत देने की याचना की। पीड़ित मां ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया तथा विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने अवयस्क को बहला-फुसलाकर भगाया है, जो गंभीर अपराध है। पीड़ित किशोरी ने पुलिस और मजिस्ट्रेट को बयान दिया कि पहले वह आरोपी के साथ बस्ती चली गई थी, वहां मंदिर में उन दोनों ने शादी कर ली। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।