- बेलहर कला क्षेत्र के रहने वाली है किशाेरी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी ने बहला-फुसला कर किशोरी को भगाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश ने बताया कि बेलहर कला क्षेत्र के रहने वाले पीड़ित पिता ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें कहा कि 22 फरवरी को उसकी 17 वर्षीय बेटी को गांव का आरोपी युवक भगा ले गया। बेटी को भगाने में आरोपी की मां ने सहयोग किया। काफी तलाश के बाद भी बेटी नहीं मिली। आरोपी के घर पूछताछ करने पर आरोपी की मां ने अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया। आरोपी युवक ने अपने कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिसमें कहा कि वह बेकसूर है। उसे फर्जी तरीके से केस में फंसाया गया है। प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर मनगढंत कहानी बनाकर उसे फंसाया गया है। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने कोर्ट में तर्क दिया कि अपराध गंभीर है। आरोपी ने साजिश व षड्यंत्र कर बहला फुसलाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया है। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।