संतकबीरनगर। जून में कुत्तों और बंदरों के काटने की संख्या में इजाफा हुआ है। इस माह अब तक 230 लोगों ने जिला अस्पताल और सीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया है, जबकि अन्य महीनों में यह संख्या आधी है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी की वजह से कुत्तों के दिमाग में पागलपन जैसा दौरा आते हैं। इससे यह इंसानों को अपना शिकार बनाते हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कुत्ते के दिमाग में गर्मी चढ़ने की वजह से पागलपन का दौर शुरू हो जाता है। इससे यह इंसानों को काटने के लिए दौड़ा लेते हैं। जून की गर्मी अधिक बढ़ी है। इससे इस प्रकार की घटनाएं अधिक सामने आई हैं। जिला अस्पताल के साथ सीएचसी पर एंटी रेबिज इंजेक्शन लगवाने की व्यवस्था है।
जिला अस्पताल और सीएचसी में कुत्ता काटने के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिले में मार्च माह में कुल 130, मई में 170 और जून माह में अब तक 230 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं। एआवी लगवाने मंगलवार को जिला अस्पताल आए पश्चिमी बंजरिया निवासी नीरज ने बताया कि उन्हें गली के कुत्ते ने काट लिया था। एंटी रेबीज इंजेक्शन में एक वायल में चार लोगों को डोज लगाई जाती है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एपी मिश्र ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ता और बंदर काटने से परेशान लोग आ रहे हैं उन्हें एआरवी लगाई जा रही है। कुत्तों से बचकर रहे। गर्मी की वजह से कुत्ते भी परेशान हैं और उन्हें कुछ समझ में नहीं आता है और वह लोगों को काटने के लिए दौड़ा लेते हैं।