पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा करेगा जन संवाद
फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में अटेवा की बैठक हुई। इसमें जन संवाद कार्यक्रम चलाने पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण व एनपीएस देश के लिए काफी घातक हैं। देश के पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप आज नौकरी नहीं मिल रही है। राष्ट्र के प्रगति में यह बाधक है। सरकार देश से निजीकरण तथा एनपीएस को पूरी तरह समाप्त करे।
अटेवा के जिला संयोजक दिनेश कुमार चौहान ने कहा कि निजीकरण देश के लिए घातक है। साथ ही पुरानी पेंशन सरकारी शिक्षकों, कर्मचारियों के अधिकार पर कुठाराघात करती है। अटेवा स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर जन संवाद कार्यक्रम शुरू कर रहा है। इसमें सरकारी शिक्षक व कर्मचारी आम जन से निजीकरण तथा एनपीएस से होने वाले नुकसान के बारे में चर्चा करेंगे। अटेवा 25 जनवरी को जनपद मुख्यालय पर निजीकरण के विरोध में पैदल मार्च निकालेगा।
इसके बाद चार फरवरी को लखनऊ में बड़ी सभा होगी। उप्र पंचायतीराज सफाई कर्मचारी संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम ने कहा कि अटेवा का जन संवाद कार्यक्रम लोगों को जगाने का कार्य करेगा। निजीकरण तथा एनपीएस व्यवस्था युवाओं तथा शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
संचालन अटेवा के जिला महामंत्री हरिकिशोर सिंह ने किया। इस अवसर पर अटेवा के मंडलीय संगठन मंत्री डॉ. मुकेश कुमार यादव, संजय शर्मा, पंकज चौधरी, संत कुमार चौधरी, दिनेश कुमार शुक्ल, प्रभाष यादव, सूरज कुमार, रामप्रकाश, सुरेंद्र कुमार, उदयभान पटेल आदि शिक्षक व कर्मचारी मौजूद रहे।