खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रसूलाबाद का मामला
डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जा रही थी
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रसूलाबाद में स्थित काली मंदिर परिसर में बिना अनुमति लिए डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को स्थापित करने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर शैलेश दूबे के नेतृत्व में राजस्व एवं प्रशासनिक टीम मौके का मुआयना करने के बाद पुलिस चौकी पर पहुंची। जहां पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहित गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक कर जानकारी हासिल की। इस दौरान एसडीएम ने डाॅक्टर आंबेडकर की प्रतिमा को सार्वजनिक स्थल से तत्काल हटाने को कहा।
गौरतलब है कि ग्राम रसूलाबाद में दलित बस्ती के निकट खलिहान की भूमि में प्राचीन काली मंदिर स्थापित है। उसी परिसर में गांव के दलित बस्ती के लोगों द्वारा डाॅक्टर आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दिया गया था। इसे लेकर लोगों में विरोध की चर्चा हो रही थी। इस मामले को जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर शैलेश दूबे के नेतृत्व में तहसीलदार सदर जनार्दन मौर्या, नायब तहसीलदार राजेश मिश्रा, राजस्व की टीम व कोतवाली निरीक्षक आरके सिंह हमराहियों के साथ रसूलाबाद स्थित मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण कर दोबारा मगहर चौकी पर पहुंचे।
जहां पर उन्होंने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल यादव के अलावा गांव के दलित बस्ती के लोगों सहित अन्य गांववासियों को बुलवाया। सार्वजनिक स्थान पर डाॅक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा प्रकरण के निस्तारण के लिए बातचीत की। उसके बाद अंत में एसडीएम ने कहा कि किसी भी दशा में बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर मूर्ति नहीं लगनी चाहिए और यदि लगाई गई है तो तत्काल उसे हटा लें। एसडीएम सदर शैलेश दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते कहा कि किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के कोई निर्माण याा किसी भी प्रतिमा को स्थापित नहीं किया जा सकता है। इसलिए बिना देरी किए ही तत्काल मूर्ति को वहां से हटा दिया जाए। आगे कहा कि अनुमति लेकर सार्वजनिक तरीके से आप मूर्ति स्थापित कर सकते हैं।