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Sant Kabir Nagar News: सरकारी विभागों में संबद्ध सफाई कर्मी हटाए जाएंगे

Fri, 04 Aug 2023 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- गांवों की बजाय सरकारी कार्यालय में संबंद्ध कर दिए गए है सफाई कर्मी
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- सीएम कार्यालय तक पहुंचा है प्रकरण, प्रभारी मंत्री की बैठक में भी उठा था मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सफाई कर्मियों की तैनाती गांवों में किए जाने का नियम है। लेकिन जिले में लंबे समय से काफी संख्या में सफाई कर्मी विभिन्न सरकारी विभागों में संबद्ध कर दिए गए हैं। जबकि गांवों में गंदगी का ढेर लगा रहता है। यह मामला सीएम कार्यालय तक पहुंच चुका है। अभी हाल में ही प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। प्रभारी मंत्री ने संबद्ध सफाई कर्मियों को हटा कर उनकी तैनाती गांवों में किए जाने का निर्देश दिया है। डीपीआरओ के स्तर से सूची तैयार की जा रही है।
शासन ने गांवों में साफ- सफाई सुदृढ रखे जाने के उद्देश्य से सफाई कर्मियों की तैनाती की है। जिले में 1711 सफाई कर्मी तैनात हैं। विभिन्न सरकारी विभागों में सफाई कर्मियों को संबद्ध कर दिया गया। यहां तक कि ब्लॉकों में भी सफाई कर्मी संबद्ध किए गए हैं। डीपीआरओ कार्यालय ने जो सूची तैयार की है उसमें सिर्फ 56 सफाई कर्मी बताए गए हैं। इसमें कलक्ट्रेट में आठ, कोविड कंट्रोल रुम में 3, विकास भवन में 11, पीडी कार्यालय में तीन, डीपीओ कार्यालय में एक, एनआईसी में दो, डीएसटीओ कार्यालय में दो, स्टेडियम में एक, निर्वाचन कार्यालय में तीन, जिलापूर्ति कार्यालय में एक आदि विभागों में सफाई कर्मी शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ ने सरकारी विभागों से लगायत ब्लॉकों तक 106 सफाई कर्मियों के संबद्ध होने की सूची तैयार की है। इधर मेंहदावल विकास खंड क्षेत्र में कुल 71 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें कुल 170 सफाई कर्मी तैनात हैं। लेकिन जुलाई माह में संचारी एवं स्वच्छता पखवाड़ा के तहत रोस्टर ड्यूटी सिर्फ 163 सफाई कर्मियों की लगाई गई। अमर उजाला ने कागज में 170 की जगह 163 सफाई कर्मियों से ली जा रही ड्यूटी शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबर को मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने जांच कर कार्रवाई के साथ आख्या तलब किया था। उसके बाद सफाई कर्मी सोमवार को कार्यालय में बैठकर बाबू का काम करते नजर आए। जिस पर अमर उजाला ने मामले को उठाते हुए एक अगस्त को जांच के आदेश के बाद भी ब्लॉक में जमे हैं सफाई कर्मी शीर्षक से खबर प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के बाद विकासखंड के जिम्मेदारों की नींद टूटी और कार्यालय में बाबू का काम कर रहे छह सफाईकर्मियों की गांव में तैनाती करने के लिए पत्र डीपीआरओ को भेजा।

यह सच है कि सफाई कर्मियों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों और ब्लाॅकों में कर्मियों की कमी की वजह से संबंद्ध किया गया है। प्रभारी मंत्री की बैठक में यह मामला उठा था। डीएम के संज्ञान में भी प्रकरण डाल दिया गया है। डीएम के निर्देश पर संबंद्ध सफाई कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही डीएम से अनुमोदन लेकर संबंद्ध सफाई कर्मियों को हटाते हुए गांवों में तैनात कर दिया जाएगा।
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प्रमोद यादव,डीपीआरओ

सात दिनों में नहीं हटे सफाई कर्मी तो छेड़ेगे आंदोलन
सफाई कर्मी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस ने कहा कि जिला मुख्यालय के सरकारी विभागों से लेकर ब्लॉकों तक कुल 106 सफाई कर्मी संबंद्ध किए गए हैं। जबकि निदेशक पंचायती राज और प्रमुख सचिव पंचायती राज का स्पष्ट निर्देश है कि सफाई कर्मी सरकारी कार्यालयों से संबंद्ध नहीं रहेंगे। नियम विरुद्ध तरीके से सफाई कर्मियों को संबंंद्ध किया गया है। यदि सात दिनों में संबंद्ध सफाई कर्मियों को सरकारी विभागों से हटाकर गांवों में तैनाती नहीं दी गई तो संघ आंदोलन छेड़ेगा।
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