संतकबीरनगर। दुधारा क्षेत्र में गोकसी पर रोक लगाने और वांछितों व वारंटियों की धरपकड़ के लिए नवागत एसओ ने नया तरीका अख्तियार किया। सीओ की अगुआई में वीडियोग्राफी के साथ थाने और चौकी के पुलिस कर्मियों को लेकर रात में साफियाबाद गांव में दबिश दी। दबिश से पूर्व सभी पुलिस कर्मियों के मोबाइल जमा करा लिए गए। इस दौरान तीन हिस्ट्रीशीटर, दो वारंटी समेत कुल 14 लोग पकड़े गए। इसमें गोकसी के पुराने मुकदमे में पांच ऐसे आरोपी पकड़े गए, जिन्हें कोर्ट से वारंट जारी होने पर पुलिस दिल्ली, मुंबई होना दर्शाकर रिपोर्ट भेजती रही है।
दुधारा क्षेत्र का साफियाबाद गांव गोकसी के लिए विख्यात है। यहां पूर्व में पुलिस दबिश देने से कतरा जाती थी। नवागत एसओ राकेश मिश्र ने गोकसी पर रोक लगाने की ठान ली है। इसके साथ ही वांछितों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए प्लान बनाया। प्लान के मुताबिक सीओ दीपांशी राठौर की अगुआई में थाने के पहरा ड्यूटी और ऑफिस के पुलिस कर्मियों को छोड़ कर शेष पुलिस कर्मी और बाघनगर पुलिस चौकी के निगरानी सिपाही को छोड़ कर शेष को थाने पर बुला लिया। कुछ पुलिस कर्मियों को लुंगी शर्ट में तो कुछ पुलिस कर्मियों को धोती, कुर्ता पहनाया। शेष पुलिस कर्मी वर्दी में रहे।
चार अलग-अलग गाड़ियों से पुलिसकर्मी रात में साफियाबाद गांव के बाहर पहुंच गए। गांव के चारों तरफ रास्ते में सादी वर्दी में पुलिस कर्मी मुस्तैद हो गए। शेष वर्दी में रहे पुलिसकर्मियां ने झुंड में एक साथ गांव में दबिश दी। पुलिस की दबिश से गांव में भगदड़ मच गई। रात में गांव में एक बरात भी आई थी। पुलिस टीम कुल 14 लोगों को पकड़ कर थाने ले गई।
एसओ राकेश मिश्र ने बताया कि मौके से दो वारंटी गुफरान और इसहार पकड़े गए। इनके अलावा सबलू, अबरार, गुलाम बारिश, अब्दुल बारी, एजाज पकड़े गए। इनके खिलाफ पुराने गोकसी के मुकदमे में जब कोर्ट से वारंट जारी होता था, तो गांव से पुलिस को सही पता नहीं लग पाता था। इसकी वजह से पुलिस रिपोर्ट लगाती थी कि यह लोग घर पर नहीं रहते हैं। यह लोग दिल्ली, मुंबई गए हैं। मौके से हिस्ट्रीशीटर इबरार, इसरार और अबरार भी पकड़े गए। जबकि चार ऐसे लोग पकड़े गए, जो रिश्तेदारी में आए थे। रिश्तेदारी में आए लोगों को तत्काल छोड़ दिया गया, जबकि दोनों वारंटी गुफरान व इसहार को कोर्ट भेजा गया। कोर्ट ने दोनों को अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।
इसके अलावा जो तीन हिस्ट्रीशीटर और पांच और अन्य पकड़े गए थे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। एसओ ने बताया कि प्रधान भी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। प्रधान पुलिस को पूछताछ में सही तथ्य की जानकारी नहीं देता है। प्रधान की भूमिका भी जांच की जा रही है।