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घाघरा नदी में एक और मकान समाहित

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गायघाट दक्षिणी में घाघरा नदी के जलस्तार को देखता युवक। - फोटो : KHALILABAD
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घाघरा नदी में एक और मकान समाहित
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जलस्तर बढ़ने से नदी और एमबीडी बांध के बीच बसे गांव के लोग भयभीत
धनघटा(संतकबीरनगर)। सोमवार रात से घाघरा नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। इससे नदी व एमबीडी बांध के बीच बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी में पानी बढ़ने और कटान के चलते गायघाट दक्षिणी गांव के एक शख्स का मकान नदी की धारा में समाहित हो गया।
नदी का जलस्तर बढ़ने से धनघटा तहसील क्षेत्र घाघरा और एमबीडी बांध के मध्य बसे गांव के लोग बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। गायघाट दक्षिणी गांव के मकान कटने लगते हैं। वर्ष 2020 से लेकर अब तक 60 लोगों के मकान नदी की धारा में समाहित हो चुके हैं।
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पीड़ित परिवार रिश्तेदारों समेत अन्य जगहों पर रहकर गुजर बसर कर रहे हैं। तहसील प्रशासन बेघर हुए लोगों को बसने के लिए जमीन मुहैया नहीं करा पाया है। सोमवार रात नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा तो गायघाट दक्षिणी गांव के रहने वाले बरखू का मकान नदी की धारा में समाहित हो गया। ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू ने बताया कि कटान के मद्देनजर बरखू ने अपना मकान पहले ही उजाड़ लिया था। उसका अवशेष नदी की धारा में विलीन हो गया है। नदी का जलस्तर और बढ़ा तो गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगा।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि घाघरा नदी के बिडहर घाट पर जलस्तर 80.880 मीटर है। जबकि खतरे का निशान 79.850 मीटर है। नदी सोमवार को 78.250 मीटर पर बह रही थी। मंगलवार को 78.400 मीटर पर पहुंच गइ। फिलहाल बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। तहसीलदार रत्नेश तिवारी का कहना है कि नदी के बढ़ते हुए जलस्तर को देखकर राजस्व विभाग की टीम सतर्क है।
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