मेंहदावल। नगर पंचायत मेंहदावल लावारिस पशुओं की समस्या झेल रहा है। इनकी धमाचौकड़ी से शहरवासी परेशान हैं। शाम ढलते ही कस्बे का मुख्य बाजार पशुओं के जमावड़े व धमाचौकड़ी से दहशत में आ जाता है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारी कस्बे के लोगों को लावारिस पशुओं की समस्या से निजात दिला पाने में फेल नजर आ रहे हैं। मेंहदावल नगर पंचायत लावारिस पशुओं की समस्या से ग्रस्त है। नगर पंचायत का हर वार्ड इन पशुओं की समस्या झेल रहा है। नगर से सटे जो गांव हैं वहां के किसान भी लावारिस पशुओं के आतंक से त्रस्त हैं। सुबह शाम खेतों को झुंड बनाकर यह पशु पहुंचते हैं, और किसानों की गाढ़ी मेहनत से उपजी सब्जी की फसलों को तहस-नहस कर देते हैं।
नगर के सीएचसी तिराहे, विकास खंड परिसर, सोनबरसा, अंजहिया बाजार, नायक टोला, टडवरिया चौराहा समेत कई ऐसे स्थान हैं जहां लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। इनकी चपेट में आने से अब तक कस्बे के कई लोग घायल भी हो चुके हैं। दर्जनों वाहन भी इनकी धमाचौकड़ी के कारण क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कस्बे के अनिल कुमार गुप्ता, संतराम, दीपू अग्रहरि, मनोज कुमार, राजेश कुमार, मनीष, भारत, छठी निषाद आदि ने कहा कि यह समस्या शहर से लेकर शहर से सटे क्षेत्रों के लिए भी विकराल और बड़ी बनती जा रही है। नगर से सटे गांव में इन पशुओं के कारण खेती करना भी मुश्किल हो गया है। नगर पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक शिकायत के बाद भी इस समस्या से लोगों को निजात नहीं दिला पा रहा है।
नगर पंचायत के पास स्थित गौ आश्रय केंद्र में मानक से ज्यादा लावारिस पशुओं को रखा गया है। इसके साथ क्षेत्र में स्थित एक पशु आश्रय केंद्र भी मानक से अधिक पशुओं को अपने यहां रख चुका है। ऐसे में लावारिस पशुओं को पकड़वा कर रखने की व्यवस्था पर्याप्त न होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। उच्च अधिकारियों से वार्ता कर इस समस्या से कस्बे को मुक्त कराने की पहल की जाएगी।
-संदीप कुमार सरोज, अधिशासी अधिकारी