तामेश्वरनाथ मंदिर स्थित पोखरे पर व्रती महिलाएं सूर्य को अर्घ्य देंगी।
संतकबीरनगर। छठ पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। महिलाएं पोखरों व जलाशयों के किनारे वेदी बनाने में जुट गई हैं, लेकिन अब तक पोखरों की साफ-सफाई नहीं हो सकी है। इसके कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि, प्रभारी ईओ एवं एसडीएम सदर शैलेश दूबे ने पक्का पोखरे का निरीक्षण कर सफाई के निर्देश दिए हैं।
कार्तिक शुक्ल षष्ठी को निर्जल व्रत रहकर महिलाएं भगवान सूर्य की उपासना करेंगी। इसमें उनके पति सहयोग करते हैं। छठ पूजा में संतानवती महिलाएं सायंकाल और भोर में सरोवर अथवा नदी के किनारे पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य को दूध जल से अर्घ्य देंगी तथा सात प्रकार के फलों से पूजा अर्चना कर संतान की उन्नति और परिवार के कल्याण की प्रार्थना करेंगी। पर्व को लेकर जनपद के पोखरों और नदियों के किनारे वेदी बनाने का कार्य शुरू हो गया है।
डाला छठ के नाम से पूर्वांचल में तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रसिद्ध त्योहार के लिए तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। इस व्रत में महिलाएं पंचमी को एक वक्त बिना नमक के भोजन करती हैं। षष्ठी को निर्जल व्रत रहकर सायंकाल नदी-सरोवर के जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं तथा सूर्य भगवान को विविध प्रकार के पकवानों का भोग लगाती है। रात भर जागरण होता है, सप्तमी को भोर में पुन: उसी स्थान पर जल में खड़ेे होकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है तथा फल, मिष्ठान, पकवान आदि अर्पित करती हैं। छठ पर्व को लेकर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई है। हालांकि अभी तक नदी और पोखरों के किनारे साफ सफाई नहीं हुई है। शहर के पक्का पोखरा, गोलाबाजार पोखरा पर पानी काफी गंदा है। जबकि सुगर मिल पर बने पोखरे में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। जहां पर वेदी बनाई जा रही है, वहां पर भी सफाई नहीं हुई है। फिर भी लोग देवी बनाकर अपना स्थान निर्धारित कर रहे हैं, ताकि उसी स्थान पर वे पूजा कर सकें।
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छठ पर्व को लेकर पोखरों व जलाशयों पर साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं। पर्व शुरू होने से पूर्व ही सभी व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाएगी। -शैलेश दूबे, प्रभारी ईओ एवं एसडीएम सदर