धनघटा। कुछ दिनों से प्याज के दाम में उछाल आ गया है। एक सप्ताह में प्याज का दाम तीन गुने से भी अधिक बढ़ गया है। थोक में प्याज 56 से 60 रुपये और फुटकर में 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इससे िककिचन का बजट तो बिगड़ ही गया है, बिक्री कम होने से दुकानदार भी प्याज से दूरी बनाने लगे हैं। धीरे-धीरे करके प्याज सलाद से भी गायब हो रही है।
एक सप्ताह पहले फुटकर में प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। अब प्याज 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो बिकने लगा है। अचानक हुई प्याज के दाम में बढ़ोतरी से बिक्री पर भी प्रभाव पड़ने लगा है। धनघटा सब्जी मंडी के थोक व्यापारी राम लौट बताते हैं कि अचानक प्याज की आवक कम हो गई है। इस समय प्याज का थोक रेट 56 से 60 रुपये प्रति किलो हो गया है। धनघटा सब्जी मंडी में पहले तीन सौ क्विंटल प्याज की खपत हो जाती थी, लेकिन अब 100 क्विंटल भी नहीं बिक रहा है।
सब्जी के फुटकर विक्रेता महंगाई के कारण प्याज खरीदना ही बंद कर दिए हैं। धनघटा के फुटकर सब्जी विक्रेता राम मूरत बताते हैं कि अब महंगाई के कारण प्याज के खरीदार न के बराबर रह गए हैं। पहले एक दिन में 60 से 70 किलो प्याज बिक जाती थी। लेकिन अब 10, 15 किलो प्याज बिकना मुश्किल हो गया है।
बाजार में प्याज की कम आवक परेशानी का सबब बनी हुई है। महंगा होने के कारण बाजार में प्याज कम मिल रहा है। सलाद में खाने के लिए लोग प्याज की मांग पहले की तरह ही कर रहे हैं। लेकिन महंगाई के कारण सलाद में अब प्याज कम देना मजबूरी हो गई है। -राम रूप, ढाबा संचालक
सब्जी हो या दाल या फिर पनीर, सभी में प्याज का तड़का न हो तो उसका स्वाद बिगड़ जाता है। लेकिन महंगाई के कारण अब तड़के में भी प्याज कम कर दिया गया है। पहले जहां 20 से 25 किलो प्याज का प्रयोग प्रतिदिन कर दिया जाता था, अब 5 से 10 किलो में ही काम चला लिया जा रहा है। -राघवेंद्र कुमार ढाबा संचालक
प्याज के दाम में एकाएक उछाल आने से रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। प्याज का इस्तेमाल कम होने की वजह से खाने का स्वाद भी बिगड़ गया है। ऐसे ही प्याज के दाम में बढ़ोतरी हुई तो प्याज का इस्तेमाल बंद करना लोगों की मजबूरी हो जाएगी। -इमरान खान, नागरिक
महंगाई के कारण पहले टमाटर आम जनता की पहुंच से दूर हुआ था, अब प्याज रुला रहा है। दाल महंगी होने के कारण लोग सब्जी के सहारे ही पेट भर लेते थे। इतना ही नहीं, गरीबों का काम रोटी प्याज नमक खाकर चल जाता था। लेकिन अब महंगाई के कारण प्याज भी गरीब के थाली से गायब हो चुकी है। -संदीप कुमार, नागरिक