- डीएम को ज्ञापन देकर जांच कराने की मांग की
-ग्रेच्युटी, चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, स्थानांतरण, पदोन्नति व एरियर भुगतान में रिश्वत मांगने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। डीआईओएस व पटल सहायक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर माध्यमिक शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला। इस दौरान 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
जिलाध्यक्ष महेश राम ने कहा कि डीआईओएस व उनके पटल सहायक बिना रिश्वत लिए प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों व प्रबंधकों के कोई काम नहीं कर रहे हैं। शिक्षकों के चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, पदोन्नति, स्थानांतरण, ग्रेच्युटी भुगतान, एरियर भुगतान जैसे सभी प्रकरण में खुलेआम रिश्वत मांगी जा रही है। हस्तक्षेप करने वाले शिक्षक नेताओं से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण व छात्र आवंटन के नाम पर जनपद के सहायता प्राप्त व वित्तविहीन विद्यालय के प्रबंधक प्रधानाचार्यों से रिश्वत मांगी जा रही है। रिश्वत लेने के उपरांत अनेक ऐसे विद्यालय भी परीक्षा केंद्र बना दिए गए जो परीक्षा केंद्र लायक नहीं थे। मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण योजना प्रोजेक्ट अलंकरण योजना भी डीआईओएस की लापरवाही के कारण जिले में दम तोड़ रही है।
आवेदन करने के बावजूद जनपद का कोई भी विद्यालय प्रोजेक्ट अलंकार योजना का लाभ नहीं ले पाया। तदर्थ शिक्षकों का 18 माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ है। कार्यालय में अनेक ऐसे लिपिक विभिन्न जिम्मेदार पटल पर काम कर रहे हैं जो विभाग में न तो नियमित रूप से नियुक्त हैं और न ही सेवाप्रदाता के रूप में ही नियुक्त हैं। फिर भी काम कर रहे हैं। इन्हें तत्काल कार्यालय से हटाया जाए। कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई एनपीएस की धनराशि कहां जा रही है। इसका हिसाब डीआईओएस के जरिए नहीं दिया जा रहा है।
इस दौरान जिला मंत्री गिरिजानंद यादव, विजय यादव, विंध्याचल सिंह, पुनीत कुमार त्रिपाठी, जयहिंद, अफजल खान, जितेंद्र कुमार, जय प्रकाश गौतम आदि मौजूद रहे।