बारिश न होने से पौली में सुख रहा धान का बेहन।संवाद
संतकबीरनगर। मौसम की बेरुखी के चलते किसानों के चेहरों पर अब उदासी छा गई है। समय से मानसून की बारिश न होने के कारण जहां धान की रोपाई में किसानों को डीजल की महंगाई के कारण सोचना पड़ रहा है। वहीं किसानों को सूखा पड़ने की संभावना सता रही है। स्थिति यह है कि किसानों के लिए खेती करना बोझ के समान लगने लगा है। खेती जिस तरह से महंगी होती जा रही है। उससे किसानों का रुख बदला-बदला सा दिखाई दे रहा है।
पचरा गांव के किसान माता प्रसाद चौधरी व वासुदेव चौधरी कहते हैं कि खेती करने में जो लागत लग रही है। उसके मुताबिक उपज नहीं होती है। चौराकला के किसान घरभरन चौधरी, मनीराम साहू, रामचंदर चौधरी, स्वरूप चौधरी, पारा के धर्मनाथ सिंह, बेलघाट के फूल चंद यादव, रमेश, तुलसी राम, शिवबखरी निवासी नरसिंह प्रजापति, अशोक आदि का कहना है कि समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में पंपसेट से पानी चला कर धान की रोपाई करना बहुत महंगा पड़ रहा है।
अगर मौसम का यही रुख रहा तो हम लोगों के खेतों में धान लगाना जहां मुश्किल होगा। वहीं तिलहन, दलहन, मक्का, बाजरा आदि की खेतों में बुवाई करना भारी पड़ रहा है। हम लोग कठिन परिश्रम कर इस उम्मीद से धान की नर्सरी डाले हुए थे कि बारिश होगी। इस बार मौसम कुछ अलग लग रहा है। किसानों ने सरकार से खेती करने के लिए डीजल पर अनुदान की मांग की है।