- एसओ समेत चार पुलिस कर्मियों को हटाए जाने की कर रहे थे मांग
- बैजनाथपुर में प्रधान और कोटेदार के बीच हुए विवाद का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव में कोटे की दुकान की जांच के दौरान प्रधान और कोटेदार पक्ष के बीच हुई मारपीट में पुलिस का देर से पहुंचना और बाद में कोटेदार भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष के साथ थाने में अभद्रता किए जाने को लेकर आंदोलित भाजपाइयों ने शुक्रवार को धनघटा में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को स्थगित कर दिया। भाजपाइयों का कहना है कि अगर दो दिनों के भीतर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मी हटाए नहीं जाते हैं, तो भाजपा के लोग थाने पर धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
बुधवार को आपूर्ति निरीक्षक अनियमितता की शिकायत पर बैजनाथपुर गांव में कोटेदार की जांच करने गए थे। जांच के दौरान कोटेदार एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रणविजय सिंह और ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी पत्नी जनार्दन चौहान के समर्थकों के बीच मारपीट होने लगी। मौके की नजाकत को देखते हुए जांच अधिकारी भाग निकले। भाजपा नेता एवं कोटेदार रणविजय सिंह ने आरोप लगाया कि वह पुलिस को फोन के जरिये बुलाते रहे, लेकिन पुलिस दो घंटे बाद पहुंची। तब तक कई लोग लहूलुहान हो चुके थे। पुलिस अगर समय से पहुंच गई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। इतना ही नहीं कोटेदार रणविजय सिंह को पुलिस अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले आई और रणविजय सिंह के साथ थानाध्यक्ष के इशारे पर एसआई हरिनारायण दीक्षित, गामा यादव और कांस्टेबल संतोष यादव अभद्रता करने के बाद उन्हें अस्पताल भिजवाने की जगह हवालात में डाल दिया।
भाजपा नेता के साथ पुलिसिया व्यवहार की जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। बृहस्पतिवार को धनघटा स्थित बाबा दानी नाथ शिव मंदिर में बैठक कर विचार-विमर्श किया। उसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने तहसील में पहुंचकर प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के अंदर दोषी पुलिसकर्मियों को हटाया नहीं जाता है, तो थाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार को होने वाले धरना-प्रदर्शन को भाजपा के लोग स्थगित कर दिया।
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस भर्ती परीक्षा धरना-प्रदर्शन के कारण प्रभावित न हो इसके मद्देनजर एसडीएम रमेश चंद्र और सीओ अजय सिंह स्थगित करने का आग्रह किया है। उन अधिकारियों के आग्रह के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर दो सितंबर तक दोषी पुलिसकर्मी हटाए नहीं गए तो आंदोलन किया जाएगा।