संतकबीरनगर। मेंहदावल में ग्राम न्यायालय के विरोध में शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसके साथ ही अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने न्यायालय के काम में सहयोग नहीं किया।
जनपद बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ता दीवानी न्यायालय के गेट पर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल ने कहा कि उच्च न्यायालय के जरिये पारित सेम डे आदेश का अनुपालन संभव नहीं होगा। किसी भी ग्रामीण न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पहुंचना संभव नहीं है, क्योंकि वादकारी को वहां ले जाना मंहगा पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण न्यायालय में न्यायिक अधिकारी अपने को असुरक्षित महसूस करेंगे।
जनपद बार अध्यक्ष नवनीत कुमार पांडेय ने कहा कि जिले में स्थित दीवानी न्यायालय में ही मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अधिवक्ता चैंबर का भवन नहीं है। बिजली नहीं है, भीषण गर्मी में पानी की समस्या, शौचालय की समस्या आदि बनी हुई है। पाथवे का निमार्ण कार्य अधूरा होने के कारण भीषण गर्मी तथा रुक-रुक कर हो रही बरसात में अधिवक्ताओं को कोर्ट जाने आने में बहुत दिक्कत हो रही है। जिले में स्थापित उपभोक्ता फोरम निष्प्रयोज्य बिल्डिंग में है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की कोर्ट अपने मुख्य भवन में संचालित नहीं हो रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम न्यायालय स्थापित किया जाना सही नहीं है।
इस दौरान आजाद अहमद, सुशील कुमार श्रीवास्तव, संदीप कुमार चौधरी, कमाल हसन, योगेंद्र यादव,कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, अभिलाष श्रीवास्तव, नरेंद्र पांडेय, मनीष उपाध्याय, प्रमोद नायक, राम केवल, रवि मिश्रा, परमात्मा यादव आदि मौजूद रहे। इसी तरह कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र नाथ पांडेय और सिविल बार महामंत्री चतुर जी शुक्ल ने कहा कि तहसील में तहसीलदार खलीलाबाद के मनमाने पूर्ण रवैया से अधिवक्ता आहत है। ऐसे में पूरे सप्ताह राजस्व न्यायालयों में काम काज नहीं करेंगे।