संतकबीरनगर। एबुलेंस चालक के जरिये घायल को रास्ते में फेंक दिए जाने की घटना सुनकर हर कोई अवाक था। लोग यहीं कह रहे थे कि ऐसा अमानीय कृत्य नहीं करना चाहिए। लोगों को भरोसा होता है कि एबुलेंस मरीज और घायल को जिला अस्पताल तक पहुंचाएंगी,लेकिन बीच रास्ते में फेंक देना निंदनीय घटना है।
दुधारा क्षेत्र के किताबुल्ला, हमीदुल्ला, परवेज खान और सुनील यादव, अशरफ ने बताया कि दो माह पहले करही के पास दुर्घटना हुई थी। हादसे में एक साइकिल सवार घायल हो गया था। घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को कॉल की गई, लेकिन एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची। करीब आधे घंटे बाद घायल को दूसरे वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। इसी तरह कर्री निवासी रणजीत राय ने बताया कि पायलपार के पास मार्च में एक घायल सड़क पर तड़प रहा था। एंबुलेंस को फोन किया तो उधर से जवाब आया कि लोकेशन पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। समय लगेगा, उसके बाद किसी तरह घायल को अस्पताल भेजवाया गया। एबुलेंस चालकों की मनमानी पर रोक लगाए जाने की जरूरत है। इसके लिए जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है। संवाद