कहीं सर्वर की दिक्कत तो कहीं नहीं पहुंचे वीएलई
- आयुष्मान कार्ड बनाने की मुहिम को झटका
- पांच दिन में बने सिर्फ पांच सौ आयुष्मान कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शासन ने पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अभियान शुरू किया है। इसके तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक में प्रतिदिन चार वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) लगाए गए हैं, लेकिन कहीं वीएलई नहीं पहुंच रहे हैं तो कहीं सर्वर की दिक्कत हो रही है। जिसके कारण इस अभियान को झटका लगा है। पांच दिन में सिर्फ पांच आयुष्मान कार्ड ही बन सके हैं।
उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने 15 सितंबर से 30 सितंबर तक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत जिले में करीब 83 हजार आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है।
लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में चार-चार वीएलई को लगाया गया है, लेकिन चिह्नित गांवों में वीएलई ही नहीं पहुंच रहे हैं। कुछ ब्लॉकों में एक से दो वीएलई पहुंचे, लेकिन बारिश के कारण कार्ड नहीं बन सका। पिछले पांच दिनों में सिर्फ पांच सौ लोगों के ही कार्ड बन सके हैं।
सोमवार को दिनभर सर्वर काम नहीं किया, जिसके कारण जहां वीएलई पहुंचे, वह भी बैठे रहे। ऐसे में पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड निर्धारित तिथि तक बन पाएगा, इसको लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। वैसे आयुष्मान कार्ड बनाने की शुरूआत चार साल पहले हुई थी, 23 सितंबर को चार साल पूर्ण हो जाएगा, लेकिन अभी तक सिर्फ 48 फीसदी लोगों के ही कार्ड बन सके हैं।
इस संबंध में अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के कारण आयुष्मान कार्ड बनाने में दिक्कत आई है। सर्वर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है। सभी वीएलई को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित तिथियों में तय किए गए गांवों में पहुंचकर आयुष्मान कार्ड बनाना सुनिश्चित करें, ताकि लक्ष्य हासिल किया जा सके।