सरकार के यू-डायस पर 1.22 लाख बच्चों का रिकाॅर्ड दर्ज कराने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। यदि आपका बच्चा किसी भी परिषदीय विद्यालय में पढ़ाई के लिए जाना चाहता है तो वह जा सकता है। उसका पूूरा रिकाॅर्ड उसके आधार में दर्ज होगा। आधार कार्ड का नंबर डालते ही बच्चे का पूरा रिकाॅर्ड आ जाएगा। इस योजना के तहत फर्जी नामांकन पर रोक लगेगी। साथ ही बच्चों को परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
सरकार परिषदीय स्कूल के बच्चों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन करने जा रही है। भारत सरकार के यू-डायस पर बच्चों के नामांकन से लेकर उसके अंतिम पढ़ाई तक का पूरा रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। इस योजना में पहले चरण में परिषदीय स्कूल, उसके बाद अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों को शामिल किया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में लगातार फर्जी नामांकन को लेकर खींचतान मची रहती है। समय-समय पर इसकी जांच भी होती है। सरकार इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब बच्चों का आधार कार्ड बनवा रही है। परिषदीय स्कूलों में नामांकित करीब 1.48 लाख विद्यार्थियों का आधार कार्ड बनकर तैयार हो गया है। इस आधार कार्ड को भारत सरकार के यू-डायट साॅफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा।
अगर कोई स्कूल बच्चे के बारे में जानकारी लेना चाहे तो वह स्कूल का नाम यू-डायस पर डालेगा तो स्कूल का पूरा रिकार्ड कंप्यूटर में सामने आ जाएगा जिसमें स्कूल भवन की स्थिति, शिक्षकों की संख्या, विद्यार्थी की पढ़ाई व स्कूल छोड़ने की तिथि आदि। यदि कोई विद्यालय सिर्फ विद्यार्थी के रिकार्ड को देखना चाहता है तो वह उसके आधार कार्ड नंबर को यू-डायट पर डालेंगे तो उसका पूूरा रिकार्ड सामने आ जाएगा।
पहले चरण में जिले के 1247 परिषदीय स्कूलों के 1.22 लाख विद्यार्थियों का डाटा यू-डायस पर अपलोड करने की प्रकिया शुरू की गई है इसके बाद बाकी बचे बच्चों का रिकाॅर्ड दर्ज होगा। दूसरे चरण में मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चों का रिकार्ड यू-डायस पर दर्ज किया जाएगा। इसके लिए विभाग तैयारी में जुट गया है। संवाद
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कोट
परिषदीय स्कूलों के करीब 1.22 लाख विद्यार्थियों का डाटा आधार के साथ यू-डायस पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले चरण में मान्यता प्राप्त स्कूलों को शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत फर्जी नामांकन पर रोक लगेगा और विद्यार्थियों को किसी भी स्कूल में नामांकन के दौरान परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
-अतुल कुमार तिवारी, बीएसए